पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आने के बाद देश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वजाहत सईद खान (वजाहत एस. खान) ने पाकिस्तानी सरकार और सेना में मौजूद सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि हिरासत में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत हो चुकी है। इस दावे के सार्वजनिक होने के बाद पीटीआई के सेंट्रल मीडिया डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत बयान जारी कर गहरा ऐतराज और चिंता जताई है।
इमरान खान की सेहत को लेकर देशव्यापी अनिश्चितता और बेचैनी
वरिष्ठ पत्रकार की रिपोर्ट सामने आने के बाद पाकिस्तान भर में इमरान खान के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। पीटीआई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पार्टी संस्थापक की सेहत को लेकर लगातार आ रही चिंताजनक खबरों से पूरे देश के नागरिकों में गहरी चिंता, घबराहट और बेचैनी फैल रही है। पार्टी के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति न मिलने और उनके स्वास्थ्य के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी न दिए जाने से जनता और समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
पीटीआई ने सरकार के समक्ष रखीं ये मुख्य मांगें
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने सरकार से मांग की है कि इमरान खान की स्थिति को लेकर तुरंत स्थिति स्पष्ट की जाए। बयान में निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया गया है:
- तत्काल मुलाकात का इंतजाम: सरकार बिना किसी देरी के पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार के सदस्यों, उनके निजी डॉक्टरों, वकीलों और पार्टी के जिम्मेदार राजनीतिक नेताओं को उनसे मिलने की अनुमति दे।
- निजी डॉक्टरों की निगरानी में इलाज: इमरान खान की संपूर्ण मेडिकल जांच और आवश्यक इलाज उनके अपने निजी डॉक्टरों की देखरेख में कराया जाए।
- पारदर्शिता की शर्त: पूरी चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान परिवार के सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य हो ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
- जनता को भरोसे में लेना: सरकार पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य से जुड़ी स्थिति को सार्वजनिक कर जनता की शंकाओं का समाधान करे।
"इमरान खान कोई आम कार्यकर्ता नहीं, करोड़ों लोगों के नेता हैं"
पीटीआई के सेंट्रल मीडिया डिपार्टमेंट द्वारा जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि सरकार को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि इमरान खान कोई आम राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं हैं। वे पाकिस्तान की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय राजनीतिक पार्टी के प्रमुख हैं और करोड़ों पाकिस्तानियों के चुने हुए नेता हैं। पार्टी ने कहा कि उनकी सेहत और सुरक्षा सीधे तौर पर देश के लाखों-करोड़ों नागरिकों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। ऐसे में उनकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनाए रखना मंजूर नहीं किया जा सकता और जनता को सच्चाई बताना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।
अदियाला जेल में बंद हैं पूर्व प्रधानमंत्री
उल्लेखनीय है कि इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। वर्तमान में वे रावलपिंडी की अदियाला जेल में 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं। इसके अलावा, उन पर 9 मई, 2023 को हुई हिंसक घटनाओं से जुड़े एंटी-टेररिज्म एक्ट के तहत भी कई मुकदमे चल रहे हैं। कस्टडी में उनकी सेहत को लेकर पहले से ही आशंकाएं जाहिर की जा रही थीं, और पत्रकार वजाहत सईद खान के नए दावे ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है।





