पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या कम करने की दिशा में सरकार ने कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ के सामने आयोजित कार्यक्रम में 58 नए राजमार्ग गश्ती वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन वाहनों की तैनाती राज्य के उन राष्ट्रीय राजमार्गों पर की जाएगी, जहां सड़क दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा रहता है और यातायात को सुरक्षित बनाने की जरूरत है।

सरकार का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाना है। इसके साथ ही दुर्घटना की स्थिति में लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाना भी इन वाहनों की जिम्मेदारी तय की गई है। सड़क पर किसी हादसे या आपात स्थिति की सूचना मिलने के बाद राहत और सहायता पहुंचाने में अब तेजी लाई जा सकेगी। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन के चलते होने वाले हादसों से निपटने के लिए यह तैयारी की गई है।

राजमार्ग गश्ती योजना और आधुनिक सुविधाएं
राजमार्ग गश्ती योजना के पहले चरण में कुल 61 अत्याधुनिक गश्ती वाहनों की तैनाती की गई है। ये वाहन राज्य के करीब 3 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में काम करेंगे। इनकी तैनाती मुख्य रूप से उन इलाकों में की गई है, जहां सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा है। गश्ती वाहनों को लगभग हर 50 किलोमीटर की दूरी पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में मौके तक पहुंचने में कम से कम समय लगे।
इन गश्ती वाहनों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है ताकि निगरानी के साथ-साथ आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इन वाहनों को डायल-112 की आपातकालीन सेवा से भी जोड़ा गया है। इससे सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय यानी ‘गोल्डन आवर’ के दौरान घायल व्यक्ति को समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचाने में यह बेड़ा मदद करेगा।

कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख अधिकारी
इस कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक यातायात सुधांशु कुमार ने स्वागत किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल भारत सरकार के Vision-2030 के तहत सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लक्ष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





