बिहार में रेलवे सुरक्षा का नया खाका और प्रशासनिक रूपरेखा
बिहार में रेल यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस मुख्यालय ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा तंत्र को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से गुजरने वाले करीब चार हजार किलोमीटर लंबे रेलखंडों का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा, जिसके तहत ट्रैक की मैपिंग और संवेदनशीलता का आकलन किया जाएगा। इस पूरी प्रशासनिक कवायद का मुख्य उद्देश्य रेलवे संपत्तियों और यात्रियों की सुरक्षा में उन तमाम खामियों को दूर करना है जो पिछले कुछ वर्षों में भौगोलिक और सामाजिक बदलावों के कारण उत्पन्न हुई हैं।

सुरक्षा ऑडिट के प्रमुख बिंदु
- रेलवे ट्रैक के आसपास पिछले 10 से 15 वर्षों में हुए भौगोलिक और संरचनात्मक बदलावों की मैपिंग करना।
- ट्रैक के पास नए बसे गांव, कस्बे और बढ़ी हुई व्यावसायिक गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करना।
- पुल और पुलियों के पास गुजरने वाले रेलखंडों की सुरक्षा स्थिति का विशेष मूल्यांकन करना।
- नेपाल से सटे सीमावर्ती और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील रेलखंडों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखना।
संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और तकनीकी सुदृढ़ीकरण
रेलवे ट्रैक के साथ-साथ स्टेशनों पर सुरक्षा के मोर्चे पर तकनीकी इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। नेपाल सीमा के पास स्थित रेलखंडों और अन्य संवेदनशील इलाकों में सोलर कैमरों की स्थापना की जाएगी ताकि बिजली की कमी वाले दूरदराज के क्षेत्रों में भी निर्बाध निगरानी संभव हो सके। इसके अलावा, बिहार के आधा दर्जन से अधिक नए रेलखंडों जैसे सरायगढ़-निर्मली, आरा-सासाराम, हाजीपुर-वैशाली, दनियावां-बिहारशरीफ, राजगीर-तिलैया और दरौंधा-महाराजगंज को जल्द ही आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर सुरक्षा दायरे में शामिल किया जाएगा।
स्टेशनों पर सीसीटीवी कवरेज और डेटा प्रबंधन
प्रमुख स्टेशनों के साथ-साथ राज्य के सभी छोटे और मझोले रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की ठोस योजना बनाई गई है ताकि प्लेटफॉर्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। प्रस्ताव के मुताबिक, इन कैमरों की फुटेज का कम से कम एक महीने का बैकअप सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना की स्थिति में जांच एजेंसियों को तकनीकी साक्ष्य जुटाने में आसानी हो। इन सभी प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से राज्य में रेलवे का एक ऐसा एकीकृत सुरक्षा कवच तैयार होगा जो यात्रियों के लिए सफर को और अधिक भरोसेमंद बनाएगा।






