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होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: ईरान के जहाज पर हमले के बाद अमेरिका की भीषण बमबारी, 140 सैन्य ठिकाने तबाह

By | Published: 12 Jul 2026, 10:36 PM
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होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: ईरान के जहाज पर हमले के बाद अमेरिका की भीषण बमबारी, 140 सैन्य ठिकाने तबाह
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मुख्य बातें

  • नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में जहाजों के आवागमन को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर भीषण सैन्य टकराव में बदल गया है।
  • शनिवार को ईरान द्वारा एक व्यापारिक जहाज पर किए गए ड्रोन हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने रविवार तड़के ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की।
  • इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है और दोनों देशों के बीच पूर्व में हुए अंतरिम समझौते के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
  • ईरान का जहाज पर हमला और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई विवाद की शुरुआत शनिवार को हुई जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए साइप्रस के ध्वज वाले...

नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में जहाजों के आवागमन को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर भीषण सैन्य टकराव में बदल गया है। शनिवार को ईरान द्वारा एक व्यापारिक जहाज पर किए गए ड्रोन हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने रविवार तड़के ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है और दोनों देशों के बीच पूर्व में हुए अंतरिम समझौते के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


ईरान का जहाज पर हमला और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

विवाद की शुरुआत शनिवार को हुई जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए साइप्रस के ध्वज वाले एक जहाज पर ड्रोन हमला कर दिया। इसके अलावा, एक अन्य जहाज पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग भी की गई। इस घटना के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने रविवार तड़के पौने पांच बजे ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) के अनुसार, इस सप्ताह का यह तीसरे दौर का हमला था, जिसमें ईरान के 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेंटकाम ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा अंतरिम समझौते (एमओयू) का पालन न करने के कारण की गई है। अमेरिकी सेना का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है। पिछले एक सप्ताह में अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों, गोला-बारूद भंडारों और संचार केंद्रों सहित कुल 300 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।


ईरान का पलटवार: कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी बमबारी के जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए पश्चिम एशिया के कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। ईरान ने दावा किया है कि उसने ओमान, बहरीन, यूएई, कतर, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि, अधिकांश देशों ने ईरान की मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है, जबकि जॉर्डन में एक मिसाइल गिरने से मामूली नुकसान की खबर है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों में उसका एक नौसेना अधिकारी मारा गया है। इसके साथ ही ईरान ने ओमान के डुक्म बंदरगाह पर अमेरिकी सैन्य सहायता और रिफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी दखलअंदाजी बंद नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन बाधित रहेगा।

रणनीतिक द्वीप 'केशम' पर मिसाइल हमला

इस सैन्य टकराव के बीच रविवार दोपहर को होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित ईरान के रणनीतिक खाड़ी द्वीप 'केशम' पर भी भारी गोलाबारी हुई। आधिकारिक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, द्वीप पर 10 से अधिक मिसाइलें आकर गिरीं। केशम टाउनशिप के गवर्नर हुसैन अमीर तैमौरी ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) को बताया कि रविवार दोपहर से दुश्मन की ओर से द्वीप पर करीब 10 से 11 गोले दागे गए हैं। उन्होंने साफ किया कि इस हमले में केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था और राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी नागरिक या सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं है।


जहाज पर हमले के विवरण और क्षेत्रीय प्रभाव

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने शनिवार को अनधिकृत मार्ग से होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहे एक जहाज को रोकने के लिए पहले चेतावनी शॉट दागा था। इसके बाद रविवार को एक अन्य जहाज पर हमला कर उसे निष्क्रिय करने का दावा किया गया। इस हमले के कारण जहाज के इंजन कक्ष में आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। साइप्रस के ध्वज वाला यह जहाज ओमान से रवाना हुआ था। ओमान के अधिकारियों के अनुसार, जहाज पर सवार 23 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इस घटना के बाद कतर ने एहतियात के तौर पर अपनी सभी समुद्री गतिविधियों पर रोक लगा दी है।

राजनयिक हलचल और समझौते पर संकट

इस सैन्य तनाव के बीच राजनयिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। ओमान ने अपने क्षेत्र में हुए ड्रोन हमलों के विरोध में ईरान के राजदूत को तलब किया है। वहीं, अमेरिकी दूतावास ने ओमान के डुक्म और मुसंदम में रह रहे अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। रविवार को खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में दिनभर हवाई हमलों के सायरन बजते रहे।

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्धविराम समाप्त हो चुका है, हालांकि बातचीत के दरवाजे अभी भी खुले हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह से खुला है और ईरान का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है।

तनाव को कम करने के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी से बातचीत की है, जिसमें कतर के अधिकारी भी शामिल थे। हालांकि, ईरान के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है और अमेरिका को अपनी बात का मान रखना होगा, अन्यथा नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

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