अगर आप भी विदेशी शराब पीने के शौकीन हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब आपकी पसंदीदा स्कॉच व्हिस्की और जिन पहले के मुकाबले सस्ती मिल सकती है। इसकी वजह है भारत और ब्रिटेन के बीच हुई ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील। इस समझौते के बाद विदेशी शराब पर लगने वाली भारी इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कटौती कर दी गई है। आखिर कितना सस्ता होगा आपका पसंदीदा ब्रांड और कब से मिलेगा इसका फायदा,इस रिपोर्ट में जानेंगे।
भारत और ब्रिटेन के बीच हुई एक बड़ी ट्रेड डील अब लागू होने जा रही है। और इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलने वाला है जो विदेशी शराब, खासकर स्कॉच व्हिस्की और जिन पीना पसंद करते हैं। दरअसल, भारत और यूनाइटेड किंगडम यानी UK के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अब 15 जुलाई से लागू होगा। इस समझौते के बाद ब्रिटेन से भारत आने वाले कई सामान सस्ते हो जाएंगे। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा स्कॉच व्हिस्की और जिन की हो रही है।

अब तक ब्रिटेन से आने वाली स्कॉच व्हिस्की पर भारत में 150 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी। लेकिन इस समझौते के तहत इसे पहले ही दिन घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, आने वाले 10 सालों में यह ड्यूटी घटकर सिर्फ 40 प्रतिशत रह जाएगी। इसका मतलब है कि विदेशी शराब की कीमतों में धीरे-धीरे कमी आएगी। शुरुआती दौर में स्कॉच और जिन जैसी शराब की कीमतों में करीब 5 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। यानी जो लोग विदेशी शराब खरीदते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले कम कीमत चुकानी पड़ सकती है।
हालांकि, यह भी समझना जरूरी है कि हर बोतल आधी कीमत पर नहीं मिलेगी। शराब की अंतिम कीमत सिर्फ इंपोर्ट ड्यूटी से तय नहीं होती। इसमें राज्य सरकारों के टैक्स, एक्साइज ड्यूटी, ट्रांसपोर्ट और दुकानदार का मार्जिन भी शामिल होता है। इसलिए अलग-अलग राज्यों में कीमतों में फर्क देखने को मिल सकता है।

सिर्फ शराब ही नहीं, इस समझौते का फायदा कई दूसरे सेक्टरों को भी मिलेगा।
ब्रिटेन से आने वाली गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। तय कोटे के तहत इन पर लगने वाली 100 प्रतिशत ड्यूटी घटाकर सिर्फ 10 प्रतिशत कर दी जाएगी। इससे भविष्य में कुछ ब्रिटिश कारें भी भारत में सस्ती हो सकती हैं।
इसके अलावा मेडिकल डिवाइस, कॉस्मेटिक्स, एयरोस्पेस पार्ट्स, वाइन और कई फूड प्रोडक्ट्स पर भी टैक्स कम किया गया है। खास बात यह है कि कुछ कॉस्मेटिक्स पर लगने वाली 22 प्रतिशत तक की ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी।

भारत को क्या फायदा होगा?
इस समझौते के तहत ब्रिटेन भारत से जाने वाले 99 प्रतिशत सामानों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर देगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा भारत के कपड़ा उद्योग, फुटवियर, प्रोसेस्ड फूड, ज्वेलरी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलने की उम्मीद है। इससे भारतीय कंपनियों के लिए ब्रिटेन में सामान बेचना आसान होगा और निर्यात बढ़ सकता है। इसका असर रोजगार और कारोबार दोनों पर पड़ सकता है। ब्रिटिश सरकार का अनुमान है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार में आने वाले समय में करीब 2.7 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को भी हर साल बड़ा फायदा मिलने का अनुमान है।
इस डील में कामकाजी पेशेवरों के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया है। अगर कोई भारतीय प्रोफेशनल काम के लिए ब्रिटेन जाता है, या कोई ब्रिटिश प्रोफेशनल भारत आता है, तो अब उसे वहां सोशल सिक्योरिटी टैक्स से जुड़ी राहत ज्यादा समय तक मिलेगी। पहले यह सुविधा 36 महीने के लिए थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 60 महीने यानी पूरे 5 साल कर दिया गया है।

इस ऐतिहासिक समझौते पर पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान हस्ताक्षर हुए थे। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस समझौते पर दस्तखत किए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत और ब्रिटेन के रिश्तों में एक ऐतिहासिक कदम बताया था। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे यूरोपीय संघ से बाहर आने के बाद ब्रिटेन का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौता बताया।
कुल मिलाकर, इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का असर सिर्फ विदेशी शराब तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गाड़ियां, कॉस्मेटिक्स और कई दूसरे उत्पाद भी सस्ते हो सकते हैं। वहीं भारत के निर्यात को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि 15 जुलाई से इस समझौते के लागू होने के बाद आम लोगों और कारोबार पर इसका असर कितनी तेजी से दिखाई देता है।





