खबर डोज़ ब्यूरो। सहारा समूह की कंपनियों में अपनी गाढ़ी कमाई फंसाए बैठे लाखों निवेशकों के लिए अदालत से एक नई तारीख सामने आई है। जारी हुए आधिकारिक आदेश के अनुसार इस बहुप्रतीक्षित मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 3 नवंबर को दोपहर 2 बजे पीठ के समक्ष सूचीबद्ध की गई है। इस नई तारीख के ऐलान के साथ ही एक बार फिर निवेशकों की निगाहें अदालत की कार्यवाही और प्रक्रिया की गति पर टिक गई हैं, जो लंबे समय से अपने पैसों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
निवेशकों की यह परेशानी केवल अदालती दस्तावेजों और तारीखों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर उनके रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, चिकित्सीय आपातकाल या जीवन की अन्य बुनियादी जरूरतों के लिए इस पूंजी की सख्त आवश्यकता है। हर नई तारीख के साथ निवेशकों की उम्मीदें तो बंधती हैं, लेकिन साथ ही उनका इंतजार और अनिश्चितता भी बढ़ती चली जाती है।
सरकार के आंकड़े और रिफंड की वर्तमान स्थिति
भले ही निवेशकों को अगली तारीख का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन रिफंड प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, निर्धारित समय-सीमा तक 41 लाख 56 हजार 711 पात्र जमाकर्ताओं के बैंक खातों में कुल 9,267 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। यह संपूर्ण राशि आधार से जुड़े खातों के माध्यम से वितरित की गई है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। इसके बावजूद लगभग 20 लाख आवेदन ऐसे हैं जिनका निस्तारण या प्रोसेसिंग अभी भी विभिन्न स्तरों पर बाकी है।






