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बापू टावर फेलोशिप से शोधार्थियों को मिलेगा पांच लाख रुपये का लाभ

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बापू टावर फेलोशिप से शोधार्थियों को मिलेगा पांच लाख रुपये का लाभ
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मुख्य बातें

  • महात्मा गांधी और बिहार के ऐतिहासिक संबंधों पर गंभीर अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए बापू टावर समिति ने एक बड़ी पहल की है।
  • समिति ने बापू टावर फेलोशिप की घोषणा की है, जिसके माध्यम से राज्य और देश के योग्य शोधार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के तहत कुल पांच शोधार्थियों का चयन किया जाएगा और प्रत्येक चयनित शोधार्थी को एक साल की अवधि के लिए पांच लाख रुपये की फेलोशिप दी जाएगी।
  • इस प्रकार कुल 25 लाख रुपये की राशि शोध कार्यों के लिए बांटी जाएगी, जिससे युवाओं को गांधी दर्शन पर खुलकर काम करने का अवसर मिलेगा।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। महात्मा गांधी और बिहार के ऐतिहासिक संबंधों पर गंभीर अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए बापू टावर समिति ने एक बड़ी पहल की है। समिति ने बापू टावर फेलोशिप की घोषणा की है, जिसके माध्यम से राज्य और देश के योग्य शोधार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत कुल पांच शोधार्थियों का चयन किया जाएगा और प्रत्येक चयनित शोधार्थी को एक साल की अवधि के लिए पांच लाख रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। इस प्रकार कुल 25 लाख रुपये की राशि शोध कार्यों के लिए बांटी जाएगी, जिससे युवाओं को गांधी दर्शन पर खुलकर काम करने का अवसर मिलेगा।

फेलोशिप का दायरा और शोध के विषय

चयनित शोधार्थियों को एक वर्ष के भीतर महात्मा गांधी और बिहार के संबंधों से जुड़े किसी महत्वपूर्ण विषय पर अपना शोध पूरा करना होगा। शोध के दायरे में बिहार में गांधीजी के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक कार्यों के अलावा उनके विचारों और आंदोलनों के प्रभाव का व्यापक अध्ययन शामिल है। शोधार्थियों को यह समझना होगा कि बिहार की स्वतंत्रता संग्राम और गांधीजी के जीवन में क्या भूमिका रही है। निर्धारित समयावधि के अंतिम महीने में सभी चयनित अभ्यर्थियों को अपना शोध कार्य अनिवार्य रूप से जमा करना होगा ताकि समिति आगे की प्रक्रिया पूरी कर सके।

बापू टावर फेलोशिप से शोधार्थियों को मिलेगा पांच लाख रुपये का लाभ

योग्यता, आयु सीमा और जरूरी दस्तावेज

इस फेलोशिप के लिए वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिनके पास गांधी आधारित विषयों में स्नातक या उच्चतर डिग्री है। इसके अलावा जिन लोगों ने महात्मा गांधी और उनके जीवन दर्शन से जुड़े क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय तक काम किया है, वे भी इसके पात्र हैं। हालांकि उच्चतर डिग्री और पांच साल से ज्यादा अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी। आवेदन के साथ उम्मीदवारों को अपना बायोडाटा, फोटो, अनुभव प्रमाण-पत्र और चार से पांच हजार शब्दों का रिसर्च प्रपोजल तीन प्रतियों में भेजना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी किसी कार्यालय में पूर्णकालिक रूप से कार्यरत है, तो उसे संस्थान का एनओसी देना होगा, जबकि अन्य को शपथ-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

बापू टावर फेलोशिप से शोधार्थियों को मिलेगा पांच लाख रुपये का लाभ

बापू टावर फेलोशिप के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन स्पीड पोस्ट, कूरियर या हाथों-हाथ निदेशक, बापू टावर, गर्दनीबाग, पटना के पते पर भेज सकते हैं। तय तारीख के बाद मिलने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी और विस्तृत आधिकारिक सूचना के लिए उम्मीदवार बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट state.bihar.gov.in पर विजिट कर सकते हैं। समय रहते अपना रिसर्च प्रपोजल तैयार कर निर्धारित पते पर आवेदन भेजना सुनिश्चित करें।

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