मानसून की वापसी से बदला मौसम का मिजाज
पटना: बिहार में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 8 सितंबर से 12 सितंबर के दौरान मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। इस दौरान उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मानसून के फिर से प्रभावी होने के कारण कई जिलों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी तथा उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
इन 19 जिलों के लिए जारी किया गया बारिश का अलर्ट
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार को बिहार के कुल 19 जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर बादल गरजने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में पूरे दिन लगातार बारिश होने की संभावना नहीं है, बल्कि रुक-रुक कर या कम समय के लिए तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
बारिश की संभावना वाले प्रमुख 19 जिलों की सूची इस प्रकार है:
- उत्तर-पश्चिम बिहार: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण।
- उत्तर-मध्य बिहार: मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर।
- उत्तर-पूर्व बिहार: सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार।
30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों—पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मंगलवार को इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ आंधी आने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त, उत्तर बिहार के अन्य जिलों में भी स्थानीय स्तर पर बिजली गिरने यानी वज्रपात की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता, विशेषकर किसानों और खेत में काम कर रहे मजदूरों के लिए सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए हैं:
- गरज-चमक और बारिश के दौरान खुले स्थानों, खेतों या जलाशयों के पास रहने से बचें।
- खराब मौसम में किसी भी परिस्थिति में पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- आकाशीय बिजली की स्थिति बनने पर पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों के अंदर रहें।
दक्षिण बिहार में कम रहेगी बारिश, उमस और धूप की संभावना
उत्तर बिहार की तुलना में दक्षिण बिहार के जिलों में मंगलवार को बारिश की संभावना अपेक्षाकृत काफी कम दर्ज की गई है। पटना के दक्षिणी हिस्सों सहित गया, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर और भोजपुर जिलों के लिए कोई मुख्य बारिश अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर बादल विकसित होने की स्थिति में हल्की वर्षा हो सकती है। जहां बारिश नहीं होगी या बादल छंट जाएंगे, वहां धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है और उमस तथा गर्मी महसूस की जा सकती है।

तापमान का पूर्वानुमान और वायु गुणवत्ता में सुधार
तापमान की बात करें तो मंगलवार को राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। जिन जिलों में बारिश और बादलों का प्रभाव अधिक रहेगा, वहां तापमान नियंत्रित रहेगा। प्रमुख शहरों के संभावित तापमान इस प्रकार हैं:
- पटना: अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- गया: अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
- अररिया एवं कैमूर: इन जिलों में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है।
मानसून की बारिश के कारण हवा की गुणवत्ता में भी अस्थायी सुधार देखने को मिल सकता है। बारिश की वजह से वायुमंडल में मौजूद धूल और सूक्ष्म प्रदूषक कण नीचे बैठ जाते हैं, जिससे हवा साफ होती है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर वहां के स्थानीय कारकों और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
12 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 8 से 12 सितंबर के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां जारी रहेंगी। उत्तर और उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम मुख्य रूप से सुहावना बना रहेगा, जबकि दक्षिण-पश्चिम बिहार में बीच-बीच में धूप निकलने से गर्मी का असर देखा जा सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अचानक बदलने वाले मौसम पर नजर रखें और आंधी व वज्रपात के समय पूरी सावधानी बरतें।





