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ईरान की धमकी से मचा हड़कंप, ट्रंप को दी 'अचानक मौत' की चेतावनी!

By | Published: 13 Jul 2026, 03:28 PM
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ईरान की धमकी से मचा हड़कंप, ट्रंप को दी 'अचानक मौत' की चेतावनी!
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मुख्य बातें

  • अमेरिकी राजनीति के प्रमुख और प्रभावशाली रिपब्लिकन नेता सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
  • ग्राहम के निधन पर ईरान के सरकारी और निजी मीडिया संस्थानों ने बेहद तीखी और विवादित प्रतिक्रियाएं दी हैं।
  • ईरानी मीडिया में न केवल ग्राहम की मौत की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है, बल्कि अमेरिका और इजरायल के शीर्ष नेताओं को लेकर भी गंभीर टिप्पणियां की गई हैं।ईरानी अ...
  • ईरान के प्रसिद्ध अखबार 'हमशहरी' ने अपने फ्रंट पेज पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर प्रकाशित की है।

अमेरिकी राजनीति के प्रमुख और प्रभावशाली रिपब्लिकन नेता सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ग्राहम के निधन पर ईरान के सरकारी और निजी मीडिया संस्थानों ने बेहद तीखी और विवादित प्रतिक्रियाएं दी हैं। ईरानी मीडिया में न केवल ग्राहम की मौत की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है, बल्कि अमेरिका और इजरायल के शीर्ष नेताओं को लेकर भी गंभीर टिप्पणियां की गई हैं।


ईरानी अखबारों में छपी विवादित सुर्खियां और तस्वीरें

ईरान के प्रमुख अखबारों ने सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन की खबर को अपने मुखपृष्ठ पर जगह दी है। ईरान के प्रसिद्ध अखबार 'हमशहरी' ने अपने फ्रंट पेज पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर प्रकाशित की है। इस तस्वीर के साथ एक बेहद विवादित हेडिंग लगाई गई है, जिसका सीधा अर्थ यह है कि आने वाले समय में भी इस तरह की अचानक होने वाली मौतों की आशंका बनी रह सकती है।

अखबार 'हमशहरी' ने केवल डोनाल्ड ट्रंप ही नहीं, बल्कि अमेरिका और इजरायल के कई अन्य शीर्ष अधिकारियों को भी निशाना बनाया है। इस रिपोर्ट में दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका व इजरायल के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीरें भी छापी गई हैं।

'वतन-ए-इमरूज' और सरकारी मीडिया का रुख

ईरान के एक अन्य प्रमुख अखबार 'वतन-ए-इमरूज' ने भी अपने 13 जुलाई के संस्करण में लिंडसे ग्राहम के निधन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। अखबार ने ग्राहम को अमेरिका की ईरान विरोधी नीतियों का एक मुख्य और कट्टर समर्थक बताया है। इसके साथ ही अखबार ने उनकी मौत को एक अचानक बीमारी से हुई घटना के रूप में पेश किया है।

प्रिंट मीडिया के अलावा ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्ट मीडिया में भी इस घटना को लेकर बेहद कड़े और तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। एक लाइव शो के दौरान ईरानी सरकारी मीडिया के प्रजेंटर ने सीनेटर ग्राहम की मौत पर टिप्पणी करते हुए ईरानी जनता को बधाई तक दे डाली। हालांकि, इस तरह के दावों, बयानों या जश्न के पीछे किसी भी प्रकार का सार्वजनिक या आधिकारिक सबूत पेश नहीं किया गया है।


अमेरिका में जांच की मांग और साजिश की अटकलें

सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद खुद अमेरिका के भीतर भी राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अमेरिका के कुछ दक्षिणपंथी और 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) समर्थक समूहों के बीच इस मौत को लेकर कई तरह की अटकलें और साजिश से जुड़े दावे किए जा रहे हैं।

इन समूहों के कुछ सदस्यों ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अतीत में दी गई धमकियों का हवाला दिया है। इन धमकियों के आधार पर ग्राहम की मौत की गहन जांच कराने की मांग की जा रही है। हालांकि, अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों या सार्वजनिक रूप से अब तक ऐसा कोई भी ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जो सीनेटर ग्राहम की मौत को किसी भी प्रकार की विदेशी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप से जोड़ता हो।

सीनेटर लिंडसे ग्राहम का राजनीतिक सफर और नीतियां

लिंडसे ग्राहम लंबे समय से अमेरिकी राजनीति में एक बेहद प्रभावशाली और कद्दावर रिपब्लिकन नेता के रूप में सक्रिय थे। वह अपनी स्पष्ट और आक्रामक विदेश नीतियों के लिए जाने जाते थे। ग्राहम के राजनीतिक जीवन के कुछ मुख्य पहलू इस प्रकार हैं:

  • यूक्रेन का समर्थन: रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान लिंडसे ग्राहम ने यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता प्रदान करने का पुरजोर समर्थन किया था।
  • इजरायल के प्रति रुख: वह इजरायल के सबसे मजबूत समर्थकों में से एक थे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा इजरायल का पक्ष लिया।
  • ईरान विरोधी नीति: ग्राहम ईरान की वर्तमान सरकार के खिलाफ बेहद कड़ा रुख रखते थे और उन्होंने ईरान पर कड़े प्रतिबंधों और दबाव की वकालत की थी।

ईरानी मीडिया की इस आक्रामक प्रतिक्रिया को ग्राहम की इन्हीं नीतियों और ईरान के प्रति उनके कड़े रुख से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, इस पूरे मामले ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

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