पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने अपने पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने उनके वीआरएस आवेदन को तत्काल प्रभाव से स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विनय कुमार को बिहार का नया मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया है।
राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त का पद बीते 31 जुलाई से रिक्त पड़ा हुआ था। इससे पहले चयन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इस समिति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री और राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने हिस्सा लिया। तीनों शीर्ष नेताओं की सर्वसम्मति के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने नियुक्ति संबंधी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
1991 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद पर दो साल का निर्धारित कार्यकाल 12 दिसंबर 2026 तक था। हालांकि, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मंजूरी मिलने के बाद अब वह पुलिस सेवा से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं और जल्द ही राज्य सूचना आयोग के प्रमुख के रूप में अपनी नई प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेंगे।

राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त की भूमिका
मुख्य सूचना आयुक्त का पद संभालने के बाद विनय कुमार के समक्ष बिहार राज्य सूचना आयोग के प्रशासनिक कामकाज को गति देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़ी अपीलों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण करना इस आयोग की मुख्य प्राथमिकता रहती है।
- नागरिकों द्वारा मांगी गई सूचनाओं को तय समय सीमा में उपलब्ध कराना और पारदर्शिता बनाए रखना।
- समय पर जवाब न देने या अधूरी जानकारी देने वाले संबंधित लोक सूचना अधिकारियों के खिलाफ कानूनन सुनवाई करना।
- राज्य सूचना आयोग में लंबित पड़े द्वितीय अपील और शिकायतों के मामलों का शीघ्रता से निपटारा करना।
- सूचना के अधिकार के तहत प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही तय करना।
अवकाश, स्वास्थ्य कारणों और प्रभार का पूरा घटनाक्रम
वीआरएस की स्वीकृति और मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर मनोनयन से पूर्व पूर्व डीजीपी विनय कुमार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक के लिए लंबे अवकाश पर चले गए थे। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार, उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए छुट्टी के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। वह अपनी गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) के इलाज के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में चिकित्सीय प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
विनय कुमार के छुट्टी पर जाने के दौरान राज्य सरकार ने पुलिस महकमे के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को पुलिस मुख्यालय का प्रभार सौंपा था। अवकाश और वीआरएस को लेकर मीडिया में जारी अटकलों के बीच विनय कुमार ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने पिछले दस वर्षों से लीव ट्रैवल कंसेशन (एलटीसी) का लाभ नहीं लिया था, जबकि नियमों के अनुसार प्रत्येक आईपीएस अधिकारी को हर दो साल में एलटीसी लेने का अधिकार प्राप्त होता है।
गृह विभाग से वीआरएस की मंजूरी और सामान्य प्रशासन विभाग से मुख्य सूचना आयुक्त पद की अधिसूचना जारी होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर औपचारिक कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य सूचना आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति से लंबित प्रकरणों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।






