फैक्ट चेक का उद्देश्य
ऐसे दावे जिनका सार्वजनिक प्रभाव हो, जो व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हों या जिनके संदर्भ को लेकर भ्रम की स्थिति हो, उनके सत्यापन में उपलब्ध प्रमाणों का व्यवस्थित उपयोग किया जाता है।
स्रोत और प्रमाण
जहाँ संभव हो आधिकारिक रिकॉर्ड, संस्थागत जानकारी, मूल बयान, मूल पोस्ट, दस्तावेज़ और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से तुलना की जाती है। किसी एक असंदर्भित स्क्रीनशॉट या वायरल पोस्ट को अपने आप में निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाता।
फोटो और वीडियो का संदर्भ
दृश्य सामग्री के मामले में समय, स्थान, मूल संदर्भ और उपलब्ध पुराने संस्करणों की तुलना उपयोगी हो सकती है। लक्ष्य यह समझना होता है कि सामग्री जिस दावे के साथ साझा की जा रही है, वह उसी संदर्भ से संबंधित है या नहीं।
निष्कर्ष और अपडेट
फैक्ट-चेक का निष्कर्ष उपलब्ध प्रमाणों के अनुरूप रखा जाता है। यदि बाद में नई और महत्वपूर्ण विश्वसनीय जानकारी सामने आती है, तो संबंधित सामग्री को अपडेट किया जा सकता है।