पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बंगाल की खाड़ी से उठे साइक्लोन अर्नब के प्रभाव के बीच बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी ने बड़ा कहर बरपाया है। अलग-अलग हादसों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और पानी में डूबने से कुल पांच लोगों की मौत हो गई है। मौसम के इस अचानक बिगड़े मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है और ग्रामीण इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। उधर, नेपाल में लगातार हो रही वर्षा के कारण कोसी नदी के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है, जिससे जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

विभिन्न जिलों में हुए दर्दनाक हादसे और जनहानि
सबसे बड़ा हादसा समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के चकबेदौलिया गांव में हुआ। यहां गुरुवार को बारिश के दौरान एक पुराना बरगद का पेड़ अचानक भरभराकर गिर गया। इसकी चपेट में आने से तीन स्कूली बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पेड़ के नीचे दबे बच्चों को बाहर निकाला। वहीं, बांका जिले के बंधुआ कुरावा थाना क्षेत्र के बेलटिकरी गांव में बुधवार देर रात बारिश के कारण एक मिट्टी की कच्ची दीवार ढह गई। मलबे के नीचे दबने से 60 वर्षीय हिमात्री देवी की मौत हो गई, जबकि उनके पोता, पोती और नाती समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
एक अन्य दुखद घटना जहानाबाद के टिकारी इलाके में हुई, जहां पईन पार करने के लिए बनाए गए एक अस्थायी पुल से गुजरने के दौरान हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक गर्भवती महिला और उसकी गोद में मौजूद एक वर्षीय बच्चे की पानी में गिरने से मौत हो गई। इसके अलावा पूर्णिया जिले में आंधी और बारिश के कारण लगभग 50 घरों के तबाह होने की खबर है, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने का संकट पैदा हो गया है।

कोसी नदी के संभावित उफान पर प्रशासन की पैनी नजर
मैदानी इलाकों में बारिश के तांडव के अलावा नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा ने उत्तर बिहार के लिए नई चिंता खड़ी कर दी है। जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित इंजीनियरों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। माइकिंग के जरिए नदी किनारे बसे लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक कोसी बराज से 5 से 6 लाख क्यूसेक तक पानी डिस्चार्ज किया जा सकता है।
संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने नाविकों और स्थानीय निवासियों को नदी के करीब जाने से मना किया है। नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ प्रखंड के तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर शरण लें। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत तथा बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।





