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सरकारी शिक्षकों के ट्रांसफर,पोस्टिंग का बदला नियम

By | Published: 07 Jul 2026, 08:58 AM
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सरकारी शिक्षकों के ट्रांसफर,पोस्टिंग का बदला नियम
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मुख्य बातें

  • Bihar Teacher Transfer-Posting : बिहार में ट्रांसफर पोस्टिंग का नियम बदल दिया गया ।
  • शिक्षा विभाग ने अब शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग पर बड़ी जानकारी दी है ।
  • आपको बता दे कि अब शिक्षकों का ट्रांसफर पोस्टिंग तो होगा लेकिन उसके नियम अलग होंगे।
  • काफी समय से ट्रांसफर को लेकर बिहार के सरकारी शिक्षकों को इंतजार था जिस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मुहर तो लगा दी।



Bihar Teacher Transfer-Posting : बिहार में ट्रांसफर पोस्टिंग का नियम बदल दिया गया । शिक्षा विभाग ने अब शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग पर बड़ी जानकारी दी है । आपको बता दे कि अब शिक्षकों का ट्रांसफर पोस्टिंग तो होगा लेकिन उसके नियम अलग होंगे। काफी समय से ट्रांसफर को लेकर बिहार के सरकारी शिक्षकों को इंतजार था जिस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मुहर तो लगा दी। यह तो तय कर दिया की ट्रांसफर पोस्टिंग जून के आखिरी या जुलाई महीने में वह करेंगे लेकिन अब ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर नया आदेश जो सरकारी विभाग का आया है वह भी आप जान लीजिए। 


तो देखिए बिहार में सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों की भर्ती हो या ट्रांसफर-पोस्टिंग यह सब कुछ वहां मौजूद छात्रों की संख्या के आधार पर की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत 9वीं से 12वीं और पहली से पांचवीं कक्षा तक हर स्कूल में नामांकित छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों के पद स्वीकृत किए जाएंगे । इसके लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। माध्यमिक विद्यालयों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय में छात्रों की संख्या के अनुसार सब्जेक्ट वाइज़ शिक्षकों के पदों को मंजूरी मिलेगी। इससे जहां जरूरत होगी वहां उतने शिक्षक मिलेंगे और जहां जरूरत कम होगी वहां उसी शिक्षकों की संख्या कम कर दी जाएगी।


ऐसा इसलिए किया जाएगा क्योंकि कई बार देखने को मिलता है की कुछ स्कूलों में शिक्षकों की संख्या ज्यादा होती है और स्टूडेंट कम होते हैं तो कुछ स्कूलों में इसके ठीक विपरीत होता है । स्टूडेंट ज्यादा होते हैं और शिक्षक काम होते हैं । इसके साथ-साथ एक दिक्कत और आती है कि स्कूल में सब्जेक्ट वाइज शिक्षकों की कमी होती है मतलब की मैथ्स हिंदी इंग्लिश साइंस इन सबके शिक्षक कम होते हैं जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा आती है। 


अब जो नई व्यवस्था लागू की जा रही है उसके अकॉर्डिंग माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में कुल 360 छात्रों पर 15 शिक्षकों को रखने का नियम है। इनमें सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत या उर्दू जैसे विषयों के लिए अलग-अलग शिक्षकों की व्यवस्था होगी। अगर किसी स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ती है तो उसी के अनुसार वहां शिक्षकों को लाया जाएगा। इससे शिक्षकों को भी बच्चों को पढ़ाने का मौका मिलेगा और बच्चों को भी शिक्षकों की कमी नहीं होगी , पढ़ाई में आ रही बाधा दूर होगी।


इसके साथ साथ आपको बता दे,शिक्षा विभाग ने ये भी साफ किया है कि शिक्षकों की पोस्टिंग भी अब ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर मौजूद बच्चों के एडमिशन के अनुसार किया जाएगा। इससे शिक्षकों का अधिक संतुलित वितरण संभव होगा और जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है वहां प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों की मौजूदगी रहेगी। मतलब साफ है कि अब शिक्षकों का ट्रांसफर पोस्टिंग ई कोष पोर्टल के अकॉर्डिंग होगा । जहां टीचर्स की जरूरत वहीं पर उनकी ट्रांसफर पोस्टिंग शिक्षा विभाग के द्वारा किया जाएगा।

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