बांका (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार के बांका जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मंदार पर्वत पर एक युवती के साथ कथित तौर पर हुई छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, सात दिनों के भीतर इस पर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) सौंपने को कहा गया है।
वायरल वीडियो में कुछ लोगों का एक समूह एक युवती को घेरकर उसके साथ दुर्व्यवहार करता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो को आपत्तिजनक तरीके से एडिट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था, जिस पर आयोग ने गहरी चिंता जताई है। एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया राहटकर ने डीजीपी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल सभी संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, पीड़िता और उसके परिवार को तुरंत जरूरी सुरक्षा, चिकित्सा, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने पर भी जोर दिया गया है।

बांका पुलिस की कार्रवाई और तीन युवक हिरासत में
स्थानीय स्तर पर बांका पुलिस इस मामले की गहन छानबीन में जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना करीब ढाई महीने पहले की बताई जा रही है, जिसका वीडियो हाल ही में 22 सितंबर को बौंसी थाना पुलिस के संज्ञान में आया था। फुटेज की तकनीकी जांच और मंदार हिल पर स्थल निरीक्षण के बाद पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो वहीं का है। इसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान का अभियान शुरू किया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवती अपने दो दोस्तों के साथ मंदार पर्वत घूमने आई थी, जहां युवकों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि समूह ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और जाने देने की एवज में फोनपे के माध्यम से 1,500 रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे तीन युवकों की पहचान कर ली है, जो बरहट थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन तीनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

कानूनी धाराएं और आगे की प्रक्रिया
राष्ट्रीय महिला आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि वीडियो को सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर आगे प्रसारित होने से पूरी तरह रोका जाए, ताकि पीड़िता की पहचान, गरिमा और निजता की रक्षा हो सके। आयोग ने कहा है कि यदि जांच के दौरान पीड़िता नाबालिग पाई जाती है, तो इस मामले में पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों को भी जोड़ा जाए। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत भी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बांका पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है।





