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Bihar Flood: अर्णब तूफान के असर से बिहार में आफत! कोसी-बागमती खतरे के पार, 50 गांव डूबे

| Published: | Updated:
Bihar Flood: अर्णब तूफान के असर से बिहार में आफत! कोसी-बागमती खतरे के पार, 50 गांव डूबे
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मुख्य बातें

  • बिहार में मौसम ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
  • बंगाल की खाड़ी से बने मौसम सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है।
  • पिछले तीन दिनों से पटना समेत कई जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश देखने को मिल रही है।
  • इसका सीधा असर अब बिहार की नदियों पर दिखाई दे रहा है।

बिहार में मौसम ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बंगाल की खाड़ी से बने मौसम सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। पिछले तीन दिनों से पटना समेत कई जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश देखने को मिल रही है। इसका सीधा असर अब बिहार की नदियों पर दिखाई दे रहा है। कोसी और बागमती नदी कई जगहों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं, जबकि गंडक नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा चिंता कोसी नदी को लेकर है। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद वीरपुर बराज से शुक्रवार को कोसी नदी में करीब 2.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुपौल के बसुआ में पिछले 24 घंटे में कोसी का जलस्तर करीब 12 सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं खगड़िया के बलतारा में नदी का जलस्तर 26 सेंटीमीटर तक बढ़ गया।

बलतारा में कोसी नदी खतरे के निशान से करीब 49 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। ऐसे में नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई जगहों पर पानी लोगों के घरों और आंगन तक पहुंचने की खबर है। उधर, गंडक नदी भी लगातार उफान पर है। वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में करीब 1.29 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह हो रहा है। पश्चिम चंपारण के चटिया में पिछले 24 घंटे में गंडक का जलस्तर 14 सेंटीमीटर बढ़ा, जबकि गोपालगंज के डुमरिया घाट में 24 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बगहा और आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।

Bihar Flood: अर्णब तूफान के असर से बिहार में आफत! कोसी-बागमती खतरे के पार, 50 गांव डूबे

अब बात करते हैं बागमती नदी की। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां नदी करीब 2 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।सबसे गंभीर स्थिति सुपौल के कुछ इलाकों में बताई जा रही है। यहां करीब 50 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई घरों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लोग जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं।

बारिश ने सिर्फ बाढ़ का खतरा ही नहीं बढ़ाया, बल्कि कई जगह हादसे भी हुए हैं। खगड़िया के बेलदौर में तेज बारिश के दौरान घर की दीवार गिरने से 10 वर्षीय शिवम कुमार की मौत हो गई। वहीं अररिया में नेपाल में हुई बारिश के बाद बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ गया। मानिकपुर पंचायत में पानी का दबाव बढ़ने के बाद डूबने की घटना में दो महिलाओं की मौत की खबर है। यानी बिहार में लगातार बारिश अब सिर्फ मौसम की परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि कई इलाकों में बाढ़ और जान-माल के खतरे में बदलती जा रही है।

Bihar Flood: अर्णब तूफान के असर से बिहार में आफत! कोसी-बागमती खतरे के पार, 50 गांव डूबे

मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अगले कुछ दिन बिहार के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। प्रशासन को निचले इलाकों पर खास नजर रखने की जरूरत है और लोगों से भी अपील की जा रही है कि नदी, नहर और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बारिश का यह दौर कब थमेगा और नदियों का बढ़ता जलस्तर कब नीचे आएगा? क्योंकि अगर बारिश और नेपाल से आने वाले पानी का दबाव इसी तरह बना रहा, तो बिहार के कई और इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।

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