पटना (खबर डोज़ ब्यूरो) बिहार में दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर है और राज्यभर के बाजारों व पूजा पंडालों में भारी रौनक देखने को मिल रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक 16 और 17 अक्टूबर को राज्य के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर बारिश होने की भी पूरी संभावना है। मौसम के इस बदले मिजाज से पंडाल घूमने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

16 अक्टूबर को उत्तर बिहार के इन जिलों में रहेगा असर
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 16 अक्टूबर को उत्तर बिहार के कई जिलों में मौसम खराब हो सकता है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा वैशाली, समस्तीपुर और पटना के आसपास के कुछ इलाकों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

हालांकि राहत की बात यह है कि 16 अक्टूबर को दक्षिण बिहार के जिलों जैसे गया, नवादा, जमुई, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इन इलाकों में मौसम उत्तर बिहार के मुकाबले काफी हद तक सामान्य रहने की उम्मीद है।
17 अक्टूबर को किन इलाकों में होगी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार 17 अक्टूबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी और दरभंगा के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व बिहार के जमुई, बांका, मुंगेर, खगड़िया और भागलपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान खुले मैदानों में बने पूजा पंडालों और मेलों में जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

- तेज हवाओं के दौरान अस्थायी पंडालों और होर्डिंग्स से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- बिजली के तारों और कमजोर पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।
- बारिश शुरू होने पर खुले स्थानों पर ज्यादा देर तक खड़े न रहें।
- घर से निकलने से पहले अपने जिले के स्थानीय मौसम अपडेट की जानकारी अवश्य लें।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे दुर्गा पूजा के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखें और समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें ताकि त्योहार का आनंद सुरक्षित तरीके से लिया जा सके।





