खबर डोज़ ब्यूरो। शारदीय नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विधान है। इस दिन श्रद्धालु अपने घरों में कलश स्थापना के बाद नौ कन्याओं का पूजन करते हैं और उनके पैरों में आलता लगाकर उन्हें विशेष व्यंजनों का भोग परोसते हैं। हालांकि, हर साल इस बात को लेकर असमंजस रहता है कि छोटी कन्याओं को क्या खिलाया जाए जो स्वादिष्ट होने के साथ सेहत के लिए भी अनुकूल हो। ऐसे में कुछ खास और पारंपरिक व्यंजनों को चुनकर इस थाली को खास बनाया जा सकता है।
कन्या पूजन की थाली में शामिल करें ये 6 व्यंजन
माता रानी को प्रसन्न करने और कन्याओं को तृप्त करने के लिए भोग की थाली में कुछ चुनिंदा चीजों को रखना बेहद शुभ और फायदेमंद माना जाता है। व्रत के दौरान बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है ताकि उनका पेट भी हल्का रहे और उन्हें ऊर्जा भी मिले। इन व्यंजनों को आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है:
- कुट्टू की पूरी: भोग की थाली में कुट्टू की पूरी को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत के दौरान बच्चों के लिए हल्की और स्वादिष्ट होती है जो पूरी थाली को पूर्ण करती है।

- काले चने की सब्जी: मां दुर्गा को सूखी काले चने की सब्जी का भोग लगाया जाता है। रातभर भिगोए गए चनों से बनी यह चटपटी सब्जी बच्चों को काफी पसंद आती है।

- रस वाले आलू: नवरात्रि के पकवानों में रस वाले आलू के बिना थाली अधूरी मानी जाती है। पूरियों के साथ यह चटपटी ग्रेवी वाली सब्जी बच्चों की मनपसंद होती है।

- साबूदाने की खीर: मीठे के विकल्प के रूप में साबूदाने की खीर एक बेहतरीन और फलाहारी आहार है। इसे रात में साबूदाना भिगोकर आसानी से तैयार किया जा सकता है।

- साबूदाना ढोकला: पारंपरिक भोग से हटकर आप कन्या भोज में साबूदाना ढोकला भी शामिल कर सकती हैं, जो स्वाद में अलग और बच्चों को लुभाने वाला होता है।

- दही फ्रूट सलाद: सभी मुख्य व्यंजनों के बाद बच्चों को एक हेल्दी फ्यूजन डिश के रूप में दही फ्रूट सलाद परोसा जा सकता है। यह फलाहारी होने के साथ-साथ भरपूर पोषण भी देता है।

इन सभी व्यंजनों को सही तरीके से तैयार करके कन्या पूजन की थाली को एक संपूर्ण और संतुलित रूप दिया जा सकता है। व्रत के नियमों का पालन करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखना इन पकवानों से आसान हो जाता है। माता रानी को अर्पित करने के बाद यह प्रसाद कन्याओं में बांटा जाता है जिससे पूजन का पूर्ण फल प्राप्त होता है।





