मटन के शौकीन लोग अक्सर कलेजी, दिमाग, गुर्दा और दिल जैसी चीजें बड़े चाव से खाते हैं, जिन्हें ऑर्गन मीट कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन चीजों के अत्यधिक सेवन को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।
मटन की थाली में मिलने वाले इन हिस्सों को ऑफल या ऑर्गन मीट कहा जाता है। इनमें विटामिन बी12, आयरन, जिंक और कई जरूरी बी-विटामिन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग इन्हें पोषण का अच्छा स्रोत मानते हैं और स्वाद के लिए इनका सेवन करते हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि ये हर किसी के लिए सही नहीं हैं और इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। स्वस्थ व्यक्ति भी इन्हें कभी-कभार और सीमित मात्रा में ही खाएं।

ऑर्गन मीट के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम
डॉक्टरों के अनुसार ऑर्गन मीट का अधिक सेवन शरीर के लिए कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसमें सबसे बड़ा खतरा दिल की सेहत और यूरिक एसिड से जुड़ा हुआ है।

किन बीमारियों में हो सकता है नुकसान
कलेजी और दिल जैसे अंगों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यदि किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल पहले से बढ़ा हुआ है या उसे दिल की बीमारी का खतरा है, तो ज्यादा ऑर्गन मीट खाने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा, जिन लोगों को गाउट की समस्या है या जिनका यूरिक एसिड बढ़ा रहता है, उन्हें कलेजी, गुर्दा और अन्य ऑर्गन मीट से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। इनमें मौजूद प्यूरिन तत्व शरीर में जाकर यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है, जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन की परेशानी और अधिक गंभीर हो जाती है। हीमोक्रोमैटोसिस नामक बीमारी से पीड़ित लोग, जिनके शरीर में पहले से ही जरूरत से ज्यादा आयरन जमा होता है, उन्हें भी कलेजी जैसी आयरन से भरपूर चीजें नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इनका सेवन करना चाहिए।

ऑर्गन मीट के संभावित स्वास्थ्य लाभ
इसके बावजूद, इसका मतलब यह नहीं है कि ऑर्गन मीट पूरी तरह हानिकारक हैं। यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ है और संतुलित मात्रा में इनका सेवन करता है, तो शरीर को कुछ फायदे भी मिल सकते हैं। जिन लोगों में आयरन की कमी होती है, उनके लिए सीमित मात्रा में कलेजी खाना फायदेमंद माना जाता है, जिससे कमजोरी और थकान दूर हो सकती है। कलेजी में मौजूद विटामिन बी1 दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है, और विटामिन बी2 कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है। साथ ही, दिल, कलेजी और गुर्दे में मौजूद विटामिन बी12 और फोलेट होमोसिस्टीन नामक तत्व का स्तर नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है।

संतुलन ही सबसे महत्वपूर्ण बात है। डॉक्टर साफ तौर पर कहते हैं कि किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए ऑर्गन मीट को रोज की डाइट का हिस्सा बनाने के बजाय कभी-कभार ही खाना चाहिए। अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो इन्हें सीमित मात्रा में खा सकते हैं, लेकिन हाई कोलेस्ट्रॉल, दिल की बीमारी, गाउट, यूरिक एसिड या शरीर में आयरन अधिक होने की स्थिति में बिना डॉक्टर की सलाह के इनका सेवन न करें।





