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मटन खाने वालों को डॉक्टरों की चेतावनी,कलेजी-गुर्दा खाना पड़ सकता है भारी

By | Published: 07 Jul 2026, 05:33 PM
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मटन खाने वालों को डॉक्टरों की चेतावनी,कलेजी-गुर्दा खाना पड़ सकता है भारी
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मुख्य बातें

  • Mutton Lover : क्या आप भी मटन खाने के शौकीन हैं और कलेजी, दिमाग, गुर्दा या दिल खूब मांग-मांग कर खाना पसंद करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है।
  • कई लोग इसे स्वाद के लिए खाते हैं, तो कई लोग इन्हें सेहत के लिए अच्छा मानते हैं।
  • इनमें कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि ये हर किसी के लिए सही नहीं हैं।
  • अगर इन्हें ज्यादा मात्रा में खाया जाए या कुछ बीमारियों में खाया जाए, तो फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है।

Mutton Lover : क्या  आप भी मटन खाने के शौकीन हैं और कलेजी, दिमाग, गुर्दा या दिल खूब मांग-मांग कर खाना पसंद करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। इन चीजों को ऑर्गन मीट कहा जाता है। कई लोग इसे स्वाद के लिए खाते हैं, तो कई लोग इन्हें सेहत के लिए अच्छा मानते हैं। इनमें कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि ये हर किसी के लिए सही नहीं हैं। अगर इन्हें ज्यादा मात्रा में खाया जाए या कुछ बीमारियों में खाया जाए, तो फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। जिसको लेकर अब डॉक्टर्स ने अलर्ट जारी किया है।


मटन की थाली में कलेजी, दिमाग, गुर्दा और दिल जैसी चीजें अक्सर देखने को मिलती हैं। इन्हें ऑर्गन मीट या ऑफल कहा जाता है। इनमें विटामिन बी12, आयरन, जिंक और कई जरूरी बी-विटामिन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग इन्हें पोषण का अच्छा स्रोत मानते हैं और बड़े चाव से खाते भी हैं।

लेकिन डॉक्टरों की सलाह है कि इन चीजों को रोजाना नहीं खाना चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति भी इन्हें कभी-कभार और लिमिटेड मात्रा में ही खाएं क्योंकि इनमें कुछ ऐसे तत्व भी होते हैं, जो ज्यादा मात्रा में शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं और आपको उससे कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।


हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारी

तो देखिए डॉक्टरों के मुताबिक कलेजी और दिल में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है। अगर किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल पहले से बढ़ा हुआ है या उसे दिल की बीमारी का खतरा है, तो ज्यादा ऑर्गन मीट खाने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।


मटन से गाउट यानी यूरिक एसिड की समस्या

जिन लोगों को गाउट है या यूरिक एसिड बढ़ा हुआ रहता है, उन्हें कलेजी, गुर्दा और दूसरे ऑर्गन मीट से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। इनमें प्यूरिन नाम का तत्व ज्यादा होता है।यह शरीर में जाकर यूरिक एसिड बढ़ा सकता है। इससे जोड़ों में दर्द, सूजन और गाउट की परेशानी और बढ़ सकती है।

एक और बीमारी है हीमोक्रोमैटोसिस। इस बीमारी में शरीर पहले से ही जरूरत से ज्यादा आयरन जमा कर लेता है। ऐसे लोगों के लिए कलेजी जैसी आयरन से भरपूर चीजें नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि ऐसे मरीज ऑर्गन मीट बहुत कम खाएं या डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाएं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ऑर्गन मीट पूरी तरह खराब हैं।अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ है और संतुलित मात्रा में इन्हें खाता है, तो इससे शरीर को कई फायदे भी मिल सकते हैं।


एग्जांपल के लिए, जिन लोगों में आयरन की कमी होती है, उनके लिए सीमित मात्रा में कलेजी खाना फायदेमंद माना जाता है। इससे शरीर में आयरन का स्तर बढ़ सकता है और कमजोरी, थकान जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

कलेजी में मौजूद विटामिन बी1 दिमाग की कार्य क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।वहीं विटामिन बी2 शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करता है। कुछ शोध यह भी बताते हैं कि यह शरीर को कुछ तरह की बीमारियों से बचाने में भूमिका निभा सकता है।

इसके अलावा, दिल, कलेजी और गुर्दे में मौजूद विटामिन बी12 और फोलेट शरीर में होमोसिस्टीन नाम के तत्व का स्तर नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।अगर होमोसिस्टीन का स्तर संतुलित रहे, तो दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।


मटन खाने में बरतें यह खास सावधानी

लेकिन यहां सबसे जरूरी बात संतुलन की है। डॉक्टर साफ कहते हैं कि किसी भी अच्छी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए ऑर्गन मीट को रोज की डाइट का हिस्सा बनाने के बजाय कभी-कभार खाना ही बेहतर माना जाता है।

तो अगर आपको कलेजी, दिमाग, गुर्दा या दिल खाना पसंद है, तो स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखें। अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो इन्हें सीमित मात्रा में खा सकते हैं।लेकिन अगर आपको हाई कोलेस्ट्रॉल, दिल की बीमारी, गाउट, यूरिक एसिड या शरीर में आयरन ज्यादा होने जैसी कोई समस्या है, तो इन्हें खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। सही मात्रा और सही जानकारी के साथ ही स्वाद और सेहत, दोनों का संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

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