नई दिल्ली (खबर डोज़ ब्यूरो) राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 10 अक्टूबर 2026 को निर्धारित इस प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए CJP प्रमुख अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को IGI एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद फ्लाइट के अंदर ही हिरासत میں ले लिया। इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और पुलिस ने अब तक कुल 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया है।
दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी इस विरोध प्रदर्शन का असर देखने को मिला। चंडीगढ़ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सामने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और पंजाब के कई आप नेताओं व कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके अलावा, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे एक पत्रकार को भी पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हिरासत में ले लिया है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और आवाजाही करने वालों की कड़ी जांच की जा रही है।

राजनीतिक दलों की कड़ी प्रतिक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल
CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर संगठन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगठन का आरोप है कि नेताओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले ही एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए दावा किया कि देश में हालात इमरजेंसी से भी बदतर और तानाशाही जैसे हो चुके हैं। केजरीवाल ने कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग उठाई है।

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर भी भारी संख्या में दिल्ली पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पार्टी का कहना है कि उनके आवास को छावनी में बदल दिया गया है ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि या विरोध को दबाया जा सके। एयरपोर्ट पर जब दिल्ली पुलिस के कर्मी विमान के अंदर पहुंचे, तब अभिजीत दीपके ने पुलिस से कहा कि वह गिरफ्तारी देने के लिए आए हैं और यदि गिरफ्तार करना है तो कर लिया जाए, जिस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि यह औपचारिक गिरफ्तारी नहीं है और उनसे सहयोग की अपील की।





