खबर डोज़ ब्यूरो। केरल सरकार ने राज्य में कम उम्र के लोगों को शराब परोसने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। आबकारी मंत्री एम. लीजू ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि 23 वर्ष से कम आयु के युवाओं को शराब परोसने वाले बार के खिलाफ बिना किसी नरमी के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम हाल ही में कोच्चि के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद उठाया गया है, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी।
मंत्री ने एर्नाकुलम के विधायक टी.जे. विनोद के सवाल का जवाब देते हुए सदन को बताया कि आबकारी विभाग ने इस मामले में त्वरित एक्शन लिया है। रविवार को कम उम्र के युवाओं को अवैध रूप से शराब परोसने के आरोप में तीन बार के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं है। मामला संज्ञान में आते ही वरिष्ठ अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए थे।
कोच्चि हादसे के बाद उठाया गया बड़ा कदम
यह पूरा मामला तब गरमाया जब रविवार तड़के कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई। इस हादसे में 19 वर्षीय युवक द्वारा चलाई जा रही एक तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने सड़क पर जा रहे एक स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयावह टक्कर में स्कूटर सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि कार चला रहा कोच्चि निवासी सुहेल दुर्घटना के वक्त शराब के नशे में धुत था। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

- कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में रविवार तड़के हुआ था हादसा।
- शराब के नशे में 19 वर्षीय चालक ने स्कूटर को मारी थी टक्कर।
- दुर्घटना में स्कूटर सवार तीन लोगों की हुई थी मौत।
- ड्राइवर सुहेल को तुरंत गिरफ्तार कर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज।
कानून को और मजबूत करने की तैयारी
राज्य में बढ़ते सड़क हादसों और नशे की हालत में वाहन चलाने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि कई हादसे नशे के सेवन के बाद गाड़ी चलाने के कारण हो रहे हैं। मौजूदा आबकारी अधिनियम में पहले से ही तय उम्र से कम के लोगों को शराब परोसने पर कार्रवाई का प्रावधान है। अब सरकार इस व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए नए और अतिरिक्त दिशा-निर्देश लागू करने पर विचार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।





