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सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, 42 दिनों में ₹18,000 से ज्यादा सस्ता हुआ गोल्ड

| Published: | Updated:
सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, 42 दिनों में ₹18,000 से ज्यादा सस्ता हुआ गोल्ड
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मुख्य बातें

  • मिडिल ईस्ट तनाव और घरेलू फेस्टिव सीजन के बीच सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
  • मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार, 6 अक्टूबर को सोना दो महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया।
  • पिछले 42 दिनों के भीतर सोने की कीमतों में बड़ा क्रैश देखने को मिला है और इस दौरान गोल्ड प्रति 10 ग्राम ₹18,000 से अधिक सस्ता हो चुका है।
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और वैश्विक आर्थिक कारकों का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है।

नई दिल्ली (खबर डोज़ ब्यूरो)। मिडिल ईस्ट तनाव और घरेलू फेस्टिव सीजन के बीच सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार, 6 अक्टूबर को सोना दो महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया। पिछले 42 दिनों के भीतर सोने की कीमतों में बड़ा क्रैश देखने को मिला है और इस दौरान गोल्ड प्रति 10 ग्राम ₹18,000 से अधिक सस्ता हो चुका है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और वैश्विक आर्थिक कारकों का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है।

MCX पर क्या रहे सोने के ताजा भाव और कितने गिरे दाम?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार रात 8 बजे तक दिसंबर डिलीवरी वाले गोल्ड की कीमत 1,49,908 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के दौरान सोने ने 1,50,575 रुपए का उच्च स्तर और 1,48,701 रुपए का निचला स्तर छुआ। इससे पहले 24 अगस्त को सोने ने 1,66,965 रुपए प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाया था। इस तरह 24 अगस्त के हाई और हालिया लो स्तर की तुलना करें तो महज 42 दिनों के भीतर सोना 18,264 रुपए प्रति 10 ग्राम तक टूट चुका है।

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, 42 दिनों में ₹18,000 से ज्यादा सस्ता हुआ गोल्ड

हालांकि, मंगलवार को वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में हल्की रिकवरी भी देखने को मिली और यह सुधरकर 4,180 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी सोना वायदा यानी दिसंबर डिलीवरी 1 प्रतिशत बढ़कर 4,196.90 डॉलर पर बंद हुआ। जानकारों के मुताबिक, इस हल्की तेजी के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी न करने की उम्मीदें मुख्य वजह हैं। सितंबर महीने में उम्मीद से कमजोर जॉब ग्रोथ और पिछले आंकड़ों में संशोधन के बाद ट्रेडर्स का मानना है कि अक्टूबर में दरों को स्थिर रखा जा सकता है। सीएमई के फेडवॉच टूल के मुताबिक, अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना अब घटकर मात्र 21 प्रतिशत रह गई है, हालांकि दिसंबर में इसके करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ने के कयास अभी भी बने हुए हैं।

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, 42 दिनों में ₹18,000 से ज्यादा सस्ता हुआ गोल्ड

डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों का असर

डेनिश इन्वेस्टमेंट बैंक सैक्सो बैंक के कमोडिटी स्ट्रेटजी प्रमुख ओले हैनसेन के अनुसार, सोना अभी 4,100 डॉलर के समर्थन स्तर के पास कारोबार कर रहा है। डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड के बढ़ने से निवेशकों का रुझान थोड़ा प्रभावित हुआ है। इसके अलावा यूरो जोन में चल रही राजनीतिक व आर्थिक उथल-पुथल, विशेषकर फ्रांस के बजट घाटे की चिंताओं ने डॉलर को और मजबूत किया है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी के कारण अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा साबित हो रहा है।

कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला का कहना है कि हाजिर सोना 4,153 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है, जिसमें करीब 0.4 प्रतिशत की तेजी आई है। चांदी भी 61 डॉलर के ऊपर बनी हुई है। डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी के कारण बुलियन बाजार को थोड़ा समर्थन मिला है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी बाजार को राहत मिली है, लेकिन निवेशकों की असली नजरें अब आगामी एफओएमसी (FOMC) बैठकों के मिनट्स पर टिकी हैं जिससे नीति निर्माताओं के रुख का स्पष्ट पता चल सकेगा।

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