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बिहार के स्कूलों में मैथिली और भोजपुरी समेत पांच क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू होगी

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बिहार के स्कूलों में मैथिली और भोजपुरी समेत पांच क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू होगी
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मुख्य बातें

  • पटना (खबर डोज़ ब्यूरो) बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में स्थानीय संस्कृति और बोलियों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
  • राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में अब मैथिली, भोजपुरी, बज्जिका, मगही और अंगिका जैसी पांच क्षेत्रीय भाषाओं को अतिरिक्त भाषा के रूप में पढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
  • शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश जारी किया, जिससे स्कूली बच्चों को उनकी मातृभाषा से जोड़कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
  • मंगलवार को हुई इस अहम बैठक में शिक्षा विभाग के कई नीतिगत प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो) बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में स्थानीय संस्कृति और बोलियों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में अब मैथिली, भोजपुरी, बज्जिका, मगही और अंगिका जैसी पांच क्षेत्रीय भाषाओं को अतिरिक्त भाषा के रूप में पढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश जारी किया, जिससे स्कूली बच्चों को उनकी मातृभाषा से जोड़कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।

मंगलवार को हुई इस अहम बैठक में शिक्षा विभाग के कई नीतिगत प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ऐसी व्यावहारिक तालीम देना है जिससे भविष्य में उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें। इसके अलावा मध्यमा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्लस टू की पढ़ाई का रास्ता साफ करने हेतु संबंधित अधिनियम में जरूरी संशोधन किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पिछले साल करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने मध्यमा की परीक्षा पास की थी, जिन्हें अब उच्च माध्यमिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा।

बिहार के स्कूलों में मैथिली और भोजपुरी समेत पांच क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू होगी

दीपावली से पहले खातों में पहुंचेगी योजनाओं की राशि

छात्र-छात्राओं के वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कन्या उत्थान योजना और बालिका प्रोत्साहन योजना समेत सभी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की राशि दीपावली से पहले सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने के निर्देश दिए हैं। डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली इस राशि से बड़ी संख्या में छात्राओं को आर्थिक संबल मिलेगा। बैठक में बक्सर के सिमरी में पांच एकड़ जमीन पर प्रस्तावित गुरुकुलम विद्यापीठ के निर्माण को लेकर भी रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कर्नाटक के सत्य साई आश्रम की तर्ज पर इस गुरुकुलम का विकास किया जाएगा।

बिहार के स्कूलों में मैथिली और भोजपुरी समेत पांच क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई शुरू होगी

जर्जर स्कूलों और शिक्षकों के लंबित मामलों पर सख्ती

राज्य के विद्यालयों की बुनियादी हालत सुधारने के लिए जर्जर भवनों की तकनीकी जांच अभियंताओं की टीम से कराई जाएगी। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्कूल के जर्जर भवनों की तस्वीरें ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करें, जिसके आधार पर पूरी सूची तैयार होगी। वहीं शिक्षकों के सेवा से जुड़े लंबित मामलों पर शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आवेदन के 15 दिन बाद भी मामला लंबित रहने पर फाइल सीधे निदेशक और सचिव स्तर तक पहुंचेगी और लापरवाही साबित होने पर निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने 700 मॉडल स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया है।

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