पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार की राजधानी पटना में शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन कार्यों में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिले के 390 स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। इन स्कूलों की ओर से ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति से जुड़ा डेटा समय पर दर्ज नहीं किया गया था, जिसे शिक्षा विभाग ने गंभीर लापरवाही मानते हुए यह सख्त कदम उठाया है। इस कार्रवाई के बाद से संबंधित विद्यालयों के शैक्षणिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
विभागीय निर्देशों के अनुसार, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य है। इसके तहत ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर यह जानकारी देनी होती है कि किन विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक है और किनकी कम है। 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले छात्रों के नाम के सामने 'हां' और कम होने पर 'ना' दर्ज करना जरूरी है। यह आंकड़ा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ वितरण से सीधे जुड़ा हुआ है, जिससे डेटा समय पर अपडेट न होने पर योजनाओं का लाभ प्रभावित होने की आशंका रहती है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी का 24 घंटे का अल्टीमेटम
पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने संबंधित स्कूलों को सख्त चेतावनी देते हुए 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। इस तय समय के भीतर स्कूलों को पोर्टल पर शत-प्रतिशत आंकड़ों की एंट्री पूरी करनी होगी और साथ ही संतोषजनक स्पष्टीकरण भी देना होगा। निर्धारित अवधि में काम पूरा न करने वाले संस्थानों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिर सकती है। डीईओ ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय अवर निरीक्षकों को भी निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों की कड़ी निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी नामांकित छात्र रिकॉर्ड से छूटे नहीं।
इसके अलावा, प्रशासनिक स्तर पर केवल पोर्टल पर जानकारी भर देना ही पर्याप्त नहीं माना गया है, बल्कि संबंधित अधिकारियों को इन आंकड़ों का सत्यापन और अनुमोदन भी करना होगा। बीईओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधिकार क्षेत्र के सभी विद्यालयों में प्रविष्टियां पूरी तरह दुरुस्त हों।

प्रशस्त ऐप 2.0 पर शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
वेतन रोके जाने की इस कार्रवाई के बीच शिक्षकों के रजिस्ट्रेशन से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पटना जिले के लगभग 40 प्रतिशत सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने अब तक प्रशस्त ऐप 2.0 पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है। शिक्षा विभाग ने यू-डायस में दर्ज मोबाइल नंबर के जरिए इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना और इसके संचालन से जुड़े प्रशिक्षण वीडियो देखना अनिवार्य किया है।
रगुस्टर करने की स्थिति में सुधार लाने के लिए जिला शिक्षा कार्यालय ने प्रखंडों को रेड, येलो और ग्रीन जोन में विभाजित किया है। सबसे कम रजिस्ट्रेशन वाले प्रखंड रेड जोन में रखे गए हैं, जिन पर विशेष नजर रखी जा रही है। शिक्षकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए 15 अक्टूबर तक की समय सीमा तय की गई है। शिक्षा विभाग के इन कड़े रुख से साफ है कि डिजिटल पोर्टल और ऑनलाइन रिकॉर्ड के मामले में अब किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





