पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। मोकामा से विधायक अनंत सिंह के विवादित बयान के बाद बिहार की राजनीति गर्मा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में नौ लोगों की जान जाने से जुड़े दावे पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अनंत सिंह पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने साफ किया है कि पूरा मामला पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

जीतन राम मांझी ने उठाई कार्रवाई की मांग
मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह के बयान पर एनडीए के भीतर से ही विरोध की आवाज सामने आई है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने कहा कि नौ, दस या पच्चीस हत्याएं करने या कराने का दावा किसी भी सूरत में कानून के मुताबिक सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि इस मामले में वैधानिक जांच के साथ अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मांझी ने कहा, "यह उनका व्यक्तिगत दावा हो सकता है कि उन्होंने कितने अपराध किए या उनके कितने लोग मारे गए, लेकिन किसी भी परिस्थिति में हत्या को जायज नहीं माना जा सकता। कानून के सामने हर व्यक्ति समान है और यदि कोई सार्वजनिक मंच से ऐसा बयान देता है, तो उस पर कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
हालांकि, राजनीतिक और कानूनी जानकारों के अनुसार केवल सार्वजनिक बयान के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। किसी भी मामले में दंडात्मक कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य, पुलिस जांच और अदालती प्रक्रिया आवश्यक होती है। इसके बावजूद, एनडीए के वरिष्ठ सहयोगी दल की ओर से कार्रवाई की मांग उठने से जदयू पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।
अनंत सिंह के बयान और सफाई पर जदयू का रुख
विवाद बढ़ने के बाद अनंत सिंह ने अपने दिए बयान पर स्पष्टीकरण जारी किया था। उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल के दौरान जब वह नीतीश कुमार के साथ राजनीतिक रूप से खड़े थे, तब उनके विरोधी गुटों द्वारा उनके नौ करीबियों की हत्या कर दी गई थी। अनंत सिंह का कहना था कि उन्होंने नीतीश कुमार का राजनीतिक समर्थन करने के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं और उनके बयान का संदर्भ वही राजनीतिक संघर्ष था।
अनंत सिंह की इस सफाई के बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पार्टी का रुख स्पष्ट किया। संजय झा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी नेतृत्व अनंत सिंह के मूल बयान और उसके बाद आई सफाई, दोनों पहलुओं को ध्यान से देख रहा है। उन्होंने कहा, "अनंत सिंह का बयान और उस पर उनकी ओर से आई सफाई, दोनों ही विषय मीडिया और जनता के सामने हैं। पार्टी पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही है और सभी तथ्यों को संज्ञान में लिया गया है।"
विधान परिषद चुनाव और एनडीए की राजनीतिक रणनीति
यह पूरा विवाद बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हो रहे स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के ठीक बीच में आया है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू ने अपने वरिष्ठ नेता नीरज कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि अनंत सिंह ने इस सीट पर जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का खुला समर्थन करने की घोषणा की है। डॉ. अनुज सिंह के नामांकन कार्यक्रम में अनंत सिंह की मौजूदगी ने जदयू के भीतर असहज स्थिति पैदा कर दी है।
अनंत सिंह के इस कदम के बावजूद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दावा किया है कि एनडीए सभी आठ सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नवल किशोर यादव बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे।
संजय झा ने एनडीए के भीतर किसी भी प्रकार की फूट से इनकार करते हुए कहा कि गठबंधन की सभी सहयोगी पार्टियां मिलकर प्रचार अभियान चला रही हैं। उन्होंने कहा, "विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दल राज्य की अलग-अलग सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि एनडीए पूरी एकजुटता के साथ मैदान में है। एमएलसी चुनाव के जो शुरुआती फीडबैक मिल रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि एनडीए प्रत्याशी भारी अंतर से जीत हासिल करेंगे।"
बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए जारी चुनावी सरगर्मियों के बीच यह मामला लगातार राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। कानूनी पहलुओं और राजनीतिक बयानबाजी के बीच जदयू का अगला कदम इस पूरे प्रकरण में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






