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इस बार 11 दिनों की होगी शारदीय नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

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इस बार 11 दिनों की होगी शारदीय नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
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मुख्य बातें

  • इस बार शारदीय नवरात्रि पारंपरिक रूप से 10 दिन की होने के बजाय पूरे 11 दिनों तक मनाई जाएगी।
  • मिथिला पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा और 21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ इसका समापन होगा।
  • तिथियों में एक दिन का क्षय होने के कारण इस बार नवरात्रि की अवधि लंबी हो गई है, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
  • विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में प्रतिमा निर्माण, पंडाल सजावट, मंदिरों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। इस बार शारदीय नवरात्रि पारंपरिक रूप से 10 दिन की होने के बजाय पूरे 11 दिनों तक मनाई जाएगी। मिथिला पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा और 21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ इसका समापन होगा। तिथियों में एक दिन का क्षय होने के कारण इस बार नवरात्रि की अवधि लंबी हो गई है, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में प्रतिमा निर्माण, पंडाल सजावट, मंदिरों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पूजा समितियां व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हैं ताकि पर्व के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।

इस बार 11 दिनों की होगी शारदीय नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

प्रमुख तिथियां और पंचांग का गणित

मिथिला पंचांग के अनुसार, शनिवार 17 अक्टूबर को सप्तमी तिथि के बाद रविवार 18 अक्टूबर को दिन-रात अष्टमी तिथि रहेगी। इसके बाद सोमवार 19 अक्टूबर को सुबह 7:34 बजे तक अष्टमी तिथि रहने के बावजूद उदया तिथि के आधार पर महाअष्टमी का व्रत 18 अक्टूबर को ही रखा जाएगा।

सोमवार 19 अक्टूबर की तिथि को क्षय तिथि माना गया है, जिसके कारण इस दुर्गा पूजा की कुल अवधि 11 दिनों की हो रही है। इसके बाद 19 अक्टूबर की सुबह 7:34 बजे के बाद नवमी तिथि शुरू होगी जो मंगलवार 20 अक्टूबर को सुबह 9:45 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार महानवमी का व्रत 20 अक्टूबर को रखा जाएगा और इसी दिन बलि प्रदान की जाएगी। हालांकि, कुछ अन्य पंचांगों में 20 अक्टूबर को ही विजयादशमी मनाए जाने का भी उल्लेख है, जिससे तिथियों को लेकर आंशिक मतभेद भी सामने आए हैं।

इस बार 11 दिनों की होगी शारदीय नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

हाथी पर सवार होकर आएंगी और विदा होंगी मां दुर्गा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन और प्रस्थान दोनों ही हाथी यानी गज वाहन पर होगा। हाथी पर मां दुर्गा की यह सवारी बेहद शुभ मानी जाती है।

  • हाथी को ज्ञान, ऐश्वर्य, स्थिरता और शांति का प्रतीक माना जाता है।
  • गज वाहन पर माता का आगमन समाज में शांति और स्थिरता का संकेत देता है।
  • हाथी का संबंध भगवान गणेश और माता लक्ष्मी से भी जोड़ा जाता है।
  • इस वाहन से धन-धान्य में वृद्धि और सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।

पंचांग के अनुसार 21 अक्टूबर, बुधवार को विजयादशमी मनाई जाएगी और इसी दिन मां दुर्गा की विदाई होगी। हाथी पर मां के आगमन और प्रस्थान के शुभ संयोग को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है और सभी जगह तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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