गोपालगंज (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार में शराबबंदी के बाद से अवैध कारोबार के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र के कुर्म टोला के पास उत्पाद विभाग की टीम ने वाहन जांच के दौरान शराब तस्करी का एक हैरान करने वाला मामला पकड़ा है। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए बाइक और घरेलू गैस सिलेंडर के अंदर गुप्त तहखाना बना रखा था, जिसमें फ्रूटी के पैकेट में भरकर अवैध शराब उत्तर प्रदेश से बिहार लाई जा रही थी।

जांच के दौरान खुला तस्करों का शातिर जुगाड़
उत्पाद विभाग की टीम कुचायकोट इलाके में नियमित वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर एक बाइक को रोका गया। पहली नजर में यह मोटरसाइकिल बिल्कुल सामान्य लग रही थी, लेकिन जब अधिकारियों ने इसकी बारीकी से तलाशी ली तो होश उड़ गए। बाइक की सीट के नीचे एक विशेष जगह बनाई गई थी, जिसमें शराब के पैकेट रखे हुए थे। इसके अलावा, बाइक पर टंगे घरेलू गैस सिलेंडर ने अधिकारियों का ध्यान खींचा।
जब उस सिलेंडर की जांच की गई तो पता चला कि उसे अंदर से कटवाकर एक गुप्त तहखाने में बदल दिया गया था। बाहर से देखने पर वह पूरी तरह से एक सामान्य एलपीजी सिलेंडर जैसा प्रतीत होता था, लेकिन उसके भीतर शराब छिपाई गई थी। उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही बाइक और सिलेंडर को कब्जे में लेकर शराब बाहर निकाली।

25 लीटर से अधिक शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार
इस कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान जलालपुर गांव के रहने वाले राजेश पाठक के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लंबे समय से इस तरह के हथकंडों का इस्तेमाल कर रहा था।
उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार के अनुसार, गिरफ्तार तस्कर के पास से कुल 25 लीटर 400 ग्राम अवैध शराब बरामद की गई है। जब्त की गई शराब की बाजार में कीमत करीब 30 से 40 हजार रुपये आंकी जा रही है।
शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में तस्कर पुलिस से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के कारण इस तरह के अवैध प्रयास लगातार विफल किए जा रहे हैं। उत्पाद विभाग अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह खेप उत्तर प्रदेश में कहां से लोड की गई थी और इसे गोपालगंज में किस नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था।





