पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार में गंगा, गंडक और कोसी सहित तमाम प्रमुख नदियों के जलस्तर में रविवार को लगातार कमी दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, नदियों के जलस्तर में आ रही इस गिरावट को देखते हुए अगले तीन दिनों के भीतर इनके डेंजर जोन से नीचे आने की पूरी संभावना जताई जा रही है, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, पटना के दीघाघाट में रविवार सुबह छह बजे गंगा नदी खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, जिसमें सोमवार सुबह आठ बजे तक 24 सेंटीमीटर की कमी होने की संभावना है। इसी तरह गांधीघाट में गंगा नदी खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर थी और इसमें 25 सेंटीमीटर तक की कमी आ सकती है। पटना जिले के हाथीदह में भी गंगा खतरे के निशान से 83 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई, जहां सोमवार सुबह तक 17 सेंटीमीटर जलस्तर घटने का अनुमान है।

प्रमुख नदियों की स्थिति और जलस्तर का हाल
मुंगेर में गंगा नदी खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर नीचे थी और इसमें नौ सेंटीमीटर तक और कमी आने की संभावना है। भागलपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर ऊपर रिकॉर्ड की गई, जहां सोमवार शाम तक पांच सेंटीमीटर की कमी आ सकती है। हालांकि, भागलपुर के कहलगांव में गंगा नदी खतरे के निशान से 91 सेंटीमीटर ऊपर है और यहां सोमवार रात तक चार सेंटीमीटर की मामूली वृद्धि की संभावना जताई गई है।
सोन और घाघरा नदी के मोर्चे पर भी राहत मिलती दिख रही है। पटना जिले के मनेर में सोन नदी खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर थी, जिसमें सोमवार सुबह तक 28 सेंटीमीटर की कमी की संभावना है। सीवान जिले के दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी और यहाँ भी 28 सेंटीमीटर तक जलस्तर घटने का अनुमान है। इसके अलावा गंगपुर सिसवन में घाघरा खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई है।

गंडक, कोसी और बूढ़ी गंडक का अपडेट
- मुजफ्फरपुर के रेवाघाट में गंडक नदी खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर नीचे है और सोमवार सुबह तक 57 सेंटीमीटर कमी की संभावना है।
- गोपालगंज जिले के डुमरियाघाट में गंडक नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिसमें 20 सेंटीमीटर की कमी आ सकती है।
- खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी खतरे के निशान से 115 सेंटीमीटर ऊपर थी और इसमें 11 सेंटीमीटर की कमी का अनुमान है।
- खगड़िया के बलतारा और कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी भी खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन जलस्तर में चार सेंटीमीटर तक की गिरावट दर्ज की जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग और संबंधित जिला प्रशासन लगातार नदियों के बढ़ते और घटते क्रम पर नजर बनाए हुए है। जलस्तर में आ रही यह निरंतर गिरावट राज्य के कई जिलों में बाढ़ के पानी के फैलाव को रोकने और स्थिति को सामान्य करने की दिशा में एक अहम संकेत साबित हो रही है।





