प्रशासनिक तैयारी और अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का स्वरूप
बिहार सरकार ने विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष महासंगम मेला 2026 के सफल आयोजन और कानून-व्यवस्था के सुचारू संधारण के लिए अपनी प्रशासनिक तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए विभिन्न जिलों में पदस्थापित बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) के 10 अनुभवी अधिकारियों को गया समाहरणालय में प्रतिनियुक्त किया गया है।
यह तैनाती राज्य के प्रशासनिक ढांचे के भीतर अंतर-जिला समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां मेगा आयोजनों के दौरान स्थानीय संसाधनों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के प्रशासनिक बल का भी उपयोग किया जाता है। गया जिले में हर वर्ष लगने वाले इस महासंगम में देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री पहुंचते हैं, जिसके कारण प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां काफी व्यापक होती हैं।

किन जिलों से हुई है अधिकारियों की तैनाती
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, गयाजी में आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा और प्रबंधन को मजबूती देने के लिए कुल पांच जिलों से अधिकारियों का चयन किया गया है। इन अधिकारियों की सूची और उनकी कार्य अवधि निम्नलिखित बिंदुओं के अंतर्गत स्पष्ट की गई है:
- अरवल जिला: प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यहां से अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है।
- जहानाबाद जिला: मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए यहां के बिप्रसे अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- रोहतास जिला: विधि-व्यवस्था संधारण के लिए रोहतास से भी प्रशासनिक अधिकारियों की सेवाएं ली जा रही हैं।
- कैमूर जिला: दूरस्थ जिलों से समन्वय बिठाते हुए कैमूर के अधिकारियों को भी गया समाहरणालय से जोड़ा गया है।
- लखीसराय जिला: इस जिले से भी नामित अधिकारियों को मेला अवधि के दौरान विशेष प्रशासनिक दायित्व सौंपे गए हैं।
मेला प्रबंधन और विधि-व्यवस्था का बहुआयामी ढांचा
पितृपक्ष महासंगम मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक विशाल प्रशासनिक और साजो-सामान (लॉजिस्टिक्स) से जुड़ा प्रबंधकीय अभियान है। प्रतिनियुक्त किए गए ये सभी 10 अधिकारी आगामी 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक की निर्धारित अवधि के लिए गया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस समयावधि के दौरान पिंडदान, तर्पण और विभिन्न वेदियों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होगी।
राज्य प्रशासनिक सेवा के इन अधिकारियों को विभिन्न उप-समितियों, नियंत्रण कक्षों (कंट्रोल रूम) और क्षेत्र विशेष के दंडाधिकारियों (Magistrates) के रूप में तैनात किया जाएगा। इनका मुख्य कार्य स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटना, तीर्थयात्रियों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और नगर निगम तथा स्वास्थ्य विभाग जैसी अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा।
आगामी विभागीय कार्ययोजना और मैदानी समीक्षा
निर्धारित समय-सीमा के तहत प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, गया जिला प्रशासन इन सभी अधिकारियों को उनके विशिष्ट दायित्वों और क्षेत्रों का आवंटन करेगा। मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है, जिसके आधार पर प्रत्येक अधिकारी को उनकी रिपोर्टिंग प्राधिकारी के अधीन कार्य करना होगा।
आगामी दिनों में गया समाहरणालय के सभागार में इन सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय ब्रीफिंग बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पुलिस अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में सुरक्षा प्रोटोकॉल, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (Emergency Response System) पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।






