बिहार सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राज्य के हर राशन कार्डधारी को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया गया है। इसके तहत लाभार्थियों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। लेकिन इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है, जिसे अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है।

घर बैठे ऑनलाइन ऐसे बनाएं आयुष्मान कार्ड
घर बैठे ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के लिए सबसे पहले लाभार्थियों को आधिकारिक एनएचए पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर जाना होगा। मोबाइल उपयोगकर्ता इसके लिए आयुष्मान ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं। पोर्टल के होम पेज पर जाने के बाद बेनिफिशियरी विकल्प का चयन करना होगा, जहां फोन नंबर दर्ज करके ओटीपी के जरिए लॉग-इन किया जा सकता है।
लॉग-इन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपने राज्य में बिहार, संबंधित योजना और जिले का नाम चुनना होगा। इसके बाद फैमिली आईडी के विकल्प में आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा। स्क्रीन पर परिवार के सभी सदस्यों का विवरण दिखाई देने के बाद ई-केवाईसी का विकल्प चुनना होगा। पहचान के सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट, आधार ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। सत्यापन पूरा होते ही आयुष्मान कार्ड जेनरेट हो जाता है, जिसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।

ऑफ़लाइन मोड में इन जगहों से बनवाएं कार्ड
- नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर ई-केवाईसी पूरी करवा सकते हैं।
- अपने क्षेत्र के जन वितरण प्रणाली यानी PDS डीलर के माध्यम से भी सहायता ले सकते हैं।
- सरकारी अस्पतालों में तैनात आयुष्मान मित्र से मिलकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्ड बनवाया जा सकता है।
ऑफ़लाइन आवेदन या सत्यापन के दौरान लाभार्थियों को अपने साथ आधार कार्ड और राशन कार्ड अनिवार्य रूप से ले जाना होगा। अधिकारियों के मुताबिक इन सरल प्रक्रियाओं के जरिए राज्य का कोई भी पात्र परिवार आसानी से अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है और जरूरत पड़ने पर सूचीबद्ध अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकता है।





