बड़ौत, बागपत के रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता नौशाद अली ने केंद्रीय रजिस्ट्रार कार्यालय से सहारा रिफंड को लेकर दो बार सूचना मांगी थी। पहली बार अक्टूबर 2025 में और दूसरी बार जुलाई 2026 में जानकारी हासिल की गई। दोनों ही बार कार्यालय की तरफ से लिखित जवाब दिया गया, लेकिन इन दोनों जवाबों में दर्ज किए गए कुल जमाकर्ताओं की संख्या में भारी अंतर देखने को मिला है।

आरटीआई के दो जवाब और आंकड़ों का बड़ा अंतर
पहली आरटीआई के जवाब के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 तक पोर्टल पर 1 करोड़ 67 लाख 96 हजार 469 जमाकर्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से करीब 1 करोड़ 40 लाख 45 हजार लोगों ने अपने दस्तावेज सफलतापूर्वक जमा किए थे। उस समय यह भी बताया गया था कि 34 लाख 35 हजार 874 वैध जमाकर्ताओं को करीब 6,621 करोड़ 85 लाख रुपये का भुगतान उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में किया जा चुका है।
इसके विपरीत, जब 28 जुलाई 2026 को दूसरी बार सूचना मांगी गई, तो सितंबर 2026 में जो आंकड़े उपलब्ध कराए गए, वे चौंकाने वाले थे। नए आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल 1 करोड़ 49 लाख 48 हजार 879 जमाकर्ताओं ने ही रजिस्ट्रेशन कराया था। पहले और दूसरे जवाब के बीच यह आंकड़ा करीब 18 लाख 47 हजार 590 कम दर्ज किया गया। इस भारी अंतर को लेकर केंद्रीय रजिस्ट्रार कार्यालय की तरफ से कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
सरकार का पक्ष और भुगतान की मौजूदा स्थिति
दूसरी तरफ, सरकार की ओर से जारी ताजा आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक 41.56 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को लगभग 9,267 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। मंत्रालय का कहना है कि करीब 20 लाख आवेदन अभी भी प्रोसेसिंग के चरण में हैं। यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के 29 मार्च 2023 के आदेश के तहत और पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी की निगरानी में संचालित की जा रही है।

जिन निवेशकों के आवेदनों में किसी प्रकार की त्रुटि या कमी पाई गई है, उनके लिए पोर्टल पर री-सबमिशन यानी दोबारा आवेदन करने की सुविधा भी दी गई है। प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों की जांच और भुगतान की प्रक्रिया जारी है, लेकिन आरटीआई में सामने आए आंकड़ों के इस अंतर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों और निवेशकों का कहना है कि इस तकनीकी या कागजी अंतर का पारदर्शी जवाब जल्द सामने आना चाहिए। जमाकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से ही अपने स्टेटस की जांच करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें।





