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सारण में तटबंध टूटने के बाद पानापुर में बाढ़ का संकट, बिजली कटी तो ठप होगा मोबाइल नेटवर्क

| Published: | Updated:
सारण में तटबंध टूटने के बाद पानापुर में बाढ़ का संकट, बिजली कटी तो ठप होगा मोबाइल नेटवर्क
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मुख्य बातें

  • सारण मुख्य तटबंध टूटने के बाद पानापुर प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है, जहां अब संचार व्यवस्था ठप होने की नई चिंता सामने आ गई है।
  • बाढ़ की विभीषिका के बीच यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो इलाके में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद हो सकता है, जिससे राहत और बचाव कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा।
  • पानापुर प्रखंड मुख्यालय, स्थानीय थाना और आसपास के दर्जनों गांवों में संचार सेवा का मुख्य आधार तुर्की गांव में स्थित एयरटेल का मोबाइल टावर है।
  • ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार से पांच महीने पहले इस टावर से जनरेटर हटा लिया गया था।

छपरा (खबर डोज़ ब्यूरो)। सारण मुख्य तटबंध टूटने के बाद पानापुर प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है, जहां अब संचार व्यवस्था ठप होने की नई चिंता सामने आ गई है। बाढ़ की विभीषिका के बीच यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो इलाके में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद हो सकता है, जिससे राहत और बचाव कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा।

तुर्की मोबाइल टावर से जनरेटर न होने से बढ़ा नेटवर्क ब्लैकआउट का खतरा

पानापुर प्रखंड मुख्यालय, स्थानीय थाना और आसपास के दर्जनों गांवों में संचार सेवा का मुख्य आधार तुर्की गांव में स्थित एयरटेल का मोबाइल टावर है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार से पांच महीने पहले इस टावर से जनरेटर हटा लिया गया था। हाल ही में आंधी-पानी के दौरान जब बिजली कटी थी, तब यह टावर लगातार दो दिनों तक बंद रहा था, जिससे पूरे इलाके का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया था।

अब स्थिति सामान्य नहीं बल्कि आपदा जैसी है। सारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने से पानापुर के निचले इलाकों में पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसी गंभीर स्थिति में अगर बिजली कटती है तो मोबाइल नेटवर्क बंद होने में देर नहीं लगेगी। नेटवर्क गायब होने से बाढ़ में फंसे ग्रामीणों का संपर्क प्रखंड प्रशासन, पुलिस और बचाव दलों से पूरी तरह टूट सकता है।

सारण में तटबंध टूटने के बाद पानापुर में बाढ़ का संकट, बिजली कटी तो ठप होगा मोबाइल नेटवर्क

आपदा के समय मोबाइल फोन ही है राहत और बचाव की मुख्य कड़ी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में जब सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और आवागमन के रास्ते बंद हो जाते हैं, तब मोबाइल फोन केवल हाल-चाल पूछने का साधन नहीं रहता, बल्कि जीवनरक्षक माध्यम बन जाता है। किसी गांव में अचानक पानी का स्तर बढ़ने, लोगों के जलमग्न घरों में फंसने, गर्भवती महिलाओं या गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तत्काल चिकित्सीय सहायता पहुंचाने और नाव या सूखा राशन मांगने जैसी अति-आवश्यक सूचनाएं प्रशासन तक पहुंचाने के लिए चालू मोबाइल नेटवर्क पहली जरूरत है।

  • सड़क मार्ग ठप होने से मोबाइल फोन ही प्रशासनिक संवाद का एकमात्र जरिया बचा है।
  • प्रखंड मुख्यालय, थाना, NDRF-SDRF और राहत टीमों के बीच समन्वय में नेटवर्क की भूमिका बेहद अहम है।
  • टावर बंद होने से दूरदराज के बाढ़ प्रभावित गांवों की सटीक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो जाएगा।

सारण में तटबंध टूटने के बाद पानापुर में बाढ़ का संकट, बिजली कटी तो ठप होगा मोबाइल नेटवर्क

ग्रामीणों की मांग: टावर पर तुरंत लगाया जाए जनरेटर या पावर बैकअप

बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए पानापुर के ग्रामीणों ने संबंधित टेलीकॉम कंपनी और जिला प्रशासन से तुर्की स्थित मोबाइल टावर पर तत्काल जनरेटर या वैकल्पिक बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता और स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक टावर का निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों के अनुसार, आपदा के इस भयावह समय में भोजन, नाव और दवाइयों जितनी ही जरूरत मजबूत संचार व्यवस्था की है। यदि बिजली कटने पर बैकअप पावर से टावर चालू रखा जाता है, तो पानापुर के बाढ़ से घिरे गांवों का संपर्क प्रशासन और परिजनों से बना रहेगा और किसी भी अनहोनी की स्थिति में त्वरित मदद पहुंचाई जा सकेगी।

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