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Land For Job Case: जज विशाल गोगने के ट्रांसफर से लालू परिवार को क्या मिली कानूनी राहत?

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Land For Job Case: जज विशाल गोगने के ट्रांसफर से लालू परिवार को क्या मिली कानूनी राहत?
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मुख्य बातें

  • जमीन के बदले नौकरी यानी लैंड फॉर जॉब मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में दिल्ली की अदालत से एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है।
  • इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज विशाल गोगने का ट्रांसफर कर दिया गया है, और उनकी जगह अब स्पेशल जज प्रशांत कुमार इस कानूनी प्रक्रिया को संभाल रहे हैं।
  • इस बदलाव के बाद से राजनीतिक गलियारों और कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या इससे लालू परिवार को कोई राहत मिली है।
  • विशाल गोगने ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2006 में न्यायिक सेवा में कदम रखा था।

खबर डोज़ ब्यूरो। जमीन के बदले नौकरी यानी लैंड फॉर जॉब मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में दिल्ली की अदालत से एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज विशाल गोगने का ट्रांसफर कर दिया गया है, और उनकी जगह अब स्पेशल जज प्रशांत कुमार इस कानूनी प्रक्रिया को संभाल रहे हैं। इस बदलाव के बाद से राजनीतिक गलियारों और कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या इससे लालू परिवार को कोई राहत मिली है।

विशाल गोगने के फैसलों और कार्यशैली की चर्चा

विशाल गोगने ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2006 में न्यायिक सेवा में कदम रखा था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने द्वारका कोर्ट में सीनियर सिविल जज, दिल्ली न्यायिक अकादमी में अतिरिक्त निदेशक, कड़कड़डूमा कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश और रोहिणी कोर्ट में चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके कई फैसले और आदेश कानूनी और न्यायिक हलकों में खासे चर्चित रहे हैं।

Land For Job Case: जज विशाल गोगने के ट्रांसफर से लालू परिवार को क्या मिली कानूनी राहत?

विशेष रूप से अप्रैल 2024 में लैंड फॉर जॉब से जुड़े एक मामले में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए थे। इसके अलावा दिसंबर 2025 में नेशनल हेराल्ड मामले में भी उन्होंने ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणियां की थीं। यही कारण है कि उनकी अदालत में चल रही कार्यवाहियों पर सभी की पैनी नजर बनी हुई थी।

राबड़ी देवी की याचिका और वर्तमान कानूनी स्थिति

दिसंबर 2025 के दौरान राबड़ी देवी ने राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष चार ट्रांसफर याचिकाएं दाखिल की थीं। इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि उनके परिवार से जुड़े मामलों की सुनवाई असामान्य तेजी से की जा रही है। हालांकि, उस समय अदालत ने इन ट्रांसफर याचिकाओं को खारिज कर दिया था और मामलों को स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया था।

Land For Job Case: जज विशाल गोगने के ट्रांसफर से लालू परिवार को क्या मिली कानूनी राहत?

अब इस प्रक्रिया में नया मोड़ आ चुका है। जज विशाल गोगने के स्थानांतरण के पश्चात, लैंड फॉर जॉब से जुड़े ED मामले में स्पेशल जज प्रशांत कुमार के समक्ष आरोप तय करने के बिंदु पर नए सिरे से दलीलें सुनी जा रही हैं। पूर्व में 30 सितंबर को सुनवाई होने के बाद अगली तारीख 14 अक्टूबर तय की गई थी। कानूनी जानकारों का स्पष्ट मानना है कि केवल न्यायाधीश के बदलने से किसी आरोपी को सीधे तौर पर कानूनी मुक्ति या स्वतः राहत नहीं मिल जाती है। अब आगे की पूरी न्यायिक प्रक्रिया नए जज के सामने पेश होने वाले दस्तावेजों और दलीलों के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।

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