पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार के जिला अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब छोटी-छोटी सर्जरी या उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत की पहल पर जिला अस्पतालों को मजबूत किया जा रहा है, जिसके तहत लगभग 37 करोड़ रुपये की लागत से कुल 1,947 चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 950 से अधिक उपकरण पहले ही अधिष्ठापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष उपकरणों को भी जल्द ही चालू कर दिया जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी BMSICL के जरिए इन उपकरणों की खरीद और आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों की जमीनी जरूरतों का आकलन करने के बाद ही कुल 50 प्रकार की 1947 इकाइयों की आवश्यकता तय की गई थी। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य इन इंतजामों के जरिए मरीजों के अनावश्यक रेफरल मामलों में भारी कमी लाना है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का अतिरिक्त खर्च और समय दोनों बच सकें।
ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाओं का विस्तार
चिह्नित किए गए इन नए उपकरणों में विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन थिएटरों की विशेष जरूरतें शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक सामान्य सर्जरी ऑपरेशन थिएटर के वास्ते 529, ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर के लिए 772, प्रसूति ऑपरेशन थिएटर के वास्ते 502 और प्रसव कक्ष यानी लेबर रूम के लिए 144 इकाइयों की व्यवस्था की गई है। इन अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों के लग जाने से जिला अस्पतालों में सर्जरी की क्षमता काफी हद तक बढ़ जाएगी।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के जिला अस्पतालों में इस समय 190 आईसीयू बेड और 120 वेंटिलेटर बेड पूरी तरह सक्रिय हैं। इसके अलावा सभी जिला अस्पतालों में चौबीसों घंटे यानी 24×7 आपातकालीन सेवाएं चालू हैं और मरीजों की हालत को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर जांच व उपचार के लिए ट्रायज प्रणाली भी लागू की गई है। अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही कुल 76 प्रकार की अलग-अलग सर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत का बयान
इस पूरी प्रक्रिया पर बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि बिहार के लोगों को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े। जिला अस्पतालों में बेहतर उपकरण, सक्षम चिकित्सकीय टीम और जरूरी सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों को अपने ही जिले में उपचार मिल सकेगा, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को होने वाली परेशानी कम होगी।





