छपरा (खबर डोज़ ब्यूरो) छपरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक छोटी कुमारी ने आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अनूठी पहल करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक माह का वेतन देने का निर्णय लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर वेतन का चेक सौंपा, ताकि बाढ़ और अन्य आपदाओं से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। इस दौरान उन्होंने छपरा के विकास, यातायात सुधार और किसानों के हितों से जुड़े कई गंभीर मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में विधायक छोटी कुमारी ने रिविलगंज से सिताबदियारा के बीच पीपा पुल का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग प्रमुखता से रखी। उन्होंने बताया कि इस पुल के बनने से स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी सहूलियत होगी और दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर हो सकेगा। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जल्द ही एस्टीमेट तैयार कराकर संबंधित विभाग को भेजने का आश्वासन दिया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है।

क्षेत्र के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए विधायक ने भगवान हनुमान के ननिहाल, गौतम ऋषि स्थान, अहिल्या उद्धार स्थल और श्रृंगी ऋषि आश्रम के समग्र विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि इन सभी स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से आपस में जोड़ा जाए और राम सर्किट में शामिल किया जाए। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा होंगे।
यातायात और जलजमाव की समस्याओं पर विशेष जोर
छपरा में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए जगदम कॉलेज रेलवे ढाला पर रेल ओवरब्रिज (ROB) बनाने की मांग दोहराई गई। इसके अलावा भिखारी ठाकुर, गड़खा और रामनगर ढाला की समस्याओं के समाधान के साथ छपरा से पटना के बीच दो जोड़ी नई पैसेंजर व इंटरसिटी ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया गया। शहर में हर साल होने वाले जलजमाव की समस्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने रेलवे लाइन के किनारे के नालों की सफाई और बुडको की अधूरी परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।
सिताबदियारा क्षेत्र में तटबंध निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने और किसानों की भूमि के वर्गीकरण से जुड़ी समस्याओं का निष्पक्ष समाधान निकालने का आग्रह भी किया गया। विधायक ने कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास और जनसुविधाओं में सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सरकार के समक्ष लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।





