पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)राजधानी पटना में इस वर्ष दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर आस्था और वास्तुकला का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। नवरात्रि के पावन पर्व को लेकर शहर के प्रमुख पूजा पंडालों का निर्माण अंतिम चरण में है, जहां मध्य प्रदेश के खजुराहो और ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। प्रशासनिक और पूजा समितियों के संयुक्त प्रयासों से लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां पूरी की जा रही हैं ताकि उत्सव का यह माहौल पूरी तरह सुरक्षित और भव्य रहे।
डाकबंगला और एतवारपुर में सजेंगे कला के अनूठे पंडाल
राजधानी के हृदयस्थल डाकबंगला चौराहा स्थित नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति ट्रस्ट द्वारा इस वर्ष मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध खजुराहो मंदिर की स्थापत्य कला पर आधारित पंडाल का भव्य निर्माण कराया जा रहा है। समिति के कोषाध्यक्ष अमित कुमार बरूआ के अनुसार, षष्ठी तिथि से ही श्रद्धालुओं का आगमन तीव्र गति से प्रारंभ हो जाता है। विगत वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक इस बार 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति संभावित है। इतने बड़े जनसैलाब को व्यवस्थित और नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से व्यापक प्रबंध किए गए हैं, जिसमें सतत निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरों के साथ स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी।

दूसरी ओर, अपनी विशिष्ट कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध एतवारपुर पूजा समिति इस वर्ष ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की प्रतिमूर्ति स्वरूप पंडाल का निर्माण करा रही है। समिति के अध्यक्ष मुनील यादव ने बताया कि एतवारपुर की कलात्मक संरचना को देखने के लिए प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ता है। इस पावन अवसर पर नवरात्रि के अंतिम चार दिनों में करीब 18 लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान है। सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा 100 से अधिक सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की जा रही है।
प्रशासनिक चौकसी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लाखों की संख्या में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। संभावित अव्यवस्था से बचाव के लिए अपर समाहर्ता के प्रत्यक्ष निर्देशन में विशेष दस्तों का प्रतिनियोजन किया जाएगा। एतवारपुर पूजा समिति के अध्यक्ष मुनील यादव ने जानकारी दी कि उनकी समिति पिछले चार वर्षों से राजधानी की सर्वश्रेष्ठ पूजा समिति के रूप में पुरस्कृत होती आ रही है। इस महोत्सव के सफल, सुव्यवस्थित और निर्विघ्न संपादन के लिए बिहार सरकार तथा स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे संपूर्ण पटना नगरी भक्तिमय और सुरक्षित वातावरण में आदिशक्ति की उपासना के लिए तैयार है।





