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बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सरकार के 10 बड़े ऐलान, युवाओं और शिक्षकों पर फोकस

| Published: | Updated:
बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सरकार के 10 बड़े ऐलान, युवाओं और शिक्षकों पर फोकस
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मुख्य बातें

  • बिहार में आठ विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर होने वाले भावी चुनावों से पहले एनडीए सरकार ने स्नातक युवाओं, परीक्षार्थियों और शिक्षकों को साधने के लिए 10 बड़े नीतिगत फैसलों और योजनाओं को आगे बढ़ाया है।
  • चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के इन चुनावों में पढ़े-लिखे मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए राज्य सरकार का सीधा फोकस परीक्षा सुधार, नई बहालियों और उच्च शिक्षा में छात्र-हितैषी रियायतों पर है।
  • वर्तमान में खाली हो रही इन आठ सीटों में से दो पर भारतीय जनता पार्टी, एक पर जनता दल (यूनाइटेड), दो पर महागठबंधन और तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का कब्जा रहा है।
  • हाल में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद सत्ताधारी एनडीए के लिए इन एमएलसी सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करना एक राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।

पटना (खबर डोज़ ब्यूरो)। बिहार में आठ विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर होने वाले भावी चुनावों से पहले एनडीए सरकार ने स्नातक युवाओं, परीक्षार्थियों और शिक्षकों को साधने के लिए 10 बड़े नीतिगत फैसलों और योजनाओं को आगे बढ़ाया है। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के इन चुनावों में पढ़े-लिखे मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए राज्य सरकार का सीधा फोकस परीक्षा सुधार, नई बहालियों और उच्च शिक्षा में छात्र-हितैषी रियायतों पर है।

वर्तमान में खाली हो रही इन आठ सीटों में से दो पर भारतीय जनता पार्टी, एक पर जनता दल (यूनाइटेड), दो पर महागठबंधन और तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का कब्जा रहा है। हाल में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद सत्ताधारी एनडीए के लिए इन एमएलसी सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करना एक राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में सरकार स्नातक युवाओं और शिक्षक वर्ग से जुड़ी प्राथमिकताओं पर तेजी से कदम बढ़ा रही है।

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सरकार के 10 बड़े ऐलान, युवाओं और शिक्षकों पर फोकस

परीक्षा सुधार से लेकर 32 हजार शिक्षक बहाली तक के 10 फैसले

एमएलसी चुनाव के केंद्र में मौजूद स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के लिए जिन 10 प्रमुख घोषणाओं और फैसलों को प्रशासनिक रूप से अमलीजामा पहनाया जा रहा है, उनमें प्रमुख बिंदु शामिल हैं:

  • परीक्षा सुधार विशेषज्ञ समिति: राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर लगाम लगाने के लिए पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हरीश कुमार की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। यह समिति बीपीएससी, बीएसएससी, बिहार बोर्ड और तकनीकी परीक्षाओं में डिजिटल निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था की समीक्षा कर रही है।
  • टीआरई-4 शिक्षक भर्ती: शिक्षक भर्ती प्रक्रिया (TRE-4) के तहत 32,388 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू की गई है। अभ्यर्थियों की मांग पर प्रक्रिया को एक ही चरण की परीक्षा में समेटने का आश्वासन दिया गया है।
  • लाइब्रेरियन बहाली और छूट: लंबे समय से लंबित पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित होगी, जिसकी अवधि 150 मिनट तय की गई है। इसमें सभी वर्गों के आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की विशेष छूट दी गई है।
  • 211 नए डिग्री कॉलेज: ग्रामीण इलाकों और दूर-दराज की छात्राओं को स्थानीय स्तर पर स्नातक की पढ़ाई उपलब्ध कराने के लिए राज्यभर में 211 नए डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया गया है।
  • 47 हजार शिक्षकों का तबादला: राज्य के लगभग 6 लाख शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर अधिशेष (सरप्लस) 47 हजार शिक्षकों के ट्रांसफर का विकल्प देकर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
  • छात्राओं को पीएचडी प्रोत्साहन: उच्च शिक्षा में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएचडी कर रही 1,000 छात्राओं को प्रतिवर्ष 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृति दी गई है। पुरुष शोधार्थियों को भी इस योजना से जोड़ने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
  • ऑक्सफोर्ड-हार्वर्ड में शिक्षकों की ट्रेनिंग: राज्य के 100 सहायक प्रोफेसरों (असिस्टेंट प्रोफेसर) को ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की योजना है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
  • शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय: शिक्षकों के पेशेवर कौशल विकास के लिए राज्य में एक अलग टीचर ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे लगभग 7 लाख शिक्षकों को लाभ पहुंचेगा।
  • पटना में महिला विश्वविद्यालय: छात्राओं को उच्च शिक्षा का बेहतर माहौल देने के उद्देश्य से राजधानी पटना में नए महिला विश्वविद्यालय की स्थापना का फैसला लिया गया है।
  • स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में 4 लाख की पुरानी सीमा बहाल: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण राशि को 4 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये करने वाले 19 अगस्त के आदेश को जन-आक्रोश के बाद वापस ले लिया गया है। अब छात्रों को पुनः 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिल सकेगा।

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले सरकार के 10 बड़े ऐलान, युवाओं और शिक्षकों पर फोकस

एमएलसी चुनाव के समीकरण और युवाओं पर दांव

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव से पूरी तरह अलग होते हैं। यहां मतदाता सूची में केवल पंजीकृत स्नातक और मान्यता प्राप्त संस्थानों के शिक्षक ही शामिल होते हैं। इस कारण इन सीटों पर चुनावी मुद्दे सीधे तौर पर नौकरियों की पारदर्शिता, मानदेय, सेवा शर्तों, उच्च शिक्षा के आधारभूत ढांचे और छात्र कल्याण से जुड़ जाते हैं।

बांकीपुर उपचुनाव के झटके के बाद एनडीए गठबंधन स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने में जुटा है। विपक्ष जहां नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी और आधारभूत संरचना पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार अपने इन 10 प्रशासनिक फैसलों को रिपोर्ट कार्ड के रूप में पेश कर रही है। आने वाले एमएलसी चुनाव के परिणाम ही यह तय करेंगे कि पढ़े-लिखे युवाओं और शिक्षकों का भरोसा हासिल करने में यह नीतिगत रणनीति कितनी असरदार साबित होती है।

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