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बिहार दरोगा भर्ती मुख्य परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई की जांच तेज

| Published: | Updated:
बिहार दरोगा भर्ती मुख्य परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई की जांच तेज
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मुख्य बातें

  • बिहार पुलिस में पुलिस अवर निरीक्षक के कुल 1,799 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया है।
  • बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा जल्द ही इस परीक्षा की नई तारीख की घोषणा की जाएगी, जिसके लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
  • इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के तहत मुख्य परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें सामान्य हिंदी और सामान्य अध्ययन के पेपर हुए थे।
  • मुख्य परीक्षा के परिणाम के बाद सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के चरण में शामिल होना था, लेकिन उससे पहले ही प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।

बिहार दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द

बिहार पुलिस में पुलिस अवर निरीक्षक के कुल 1,799 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा जल्द ही इस परीक्षा की नई तारीख की घोषणा की जाएगी, जिसके लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के तहत मुख्य परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें सामान्य हिंदी और सामान्य अध्ययन के पेपर हुए थे। मुख्य परीक्षा के परिणाम के बाद सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के चरण में शामिल होना था, लेकिन उससे पहले ही प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।

बिहार दरोगा भर्ती मुख्य परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई की जांच तेज

पेपर लीक के आरोप और आर्थिक अपराध इकाई की जांच

परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद राज्य के विभिन्न केंद्रों से प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने और कदाचार की खबरें सामने आने लगीं। प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर इस धांधली की जड़ें तलाशने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए:

  • पूर्णिया के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने की आधिकारिक सूचना मिली।
  • गया के रामपुर थाने में भी परीक्षा में कथित गड़बड़ी और धांधली को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।
  • मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने जांच अपने हाथ में ली और विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
  • जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि केंद्र पर अनुपस्थित अभ्यर्थियों के प्रश्न-पत्रों को स्टोररूम ले जाकर उनकी तस्वीरें खींची गईं और डिजिटल साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल को फैक्ट्री रीसेट किया गया।

अभ्यर्थियों का प्रदर्शन और आयोग का नेतृत्व परिवर्तन

परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर राज्यभर के उम्मीदवारों में भारी असंतोष देखा गया। अभ्यर्थियों ने पटना में सड़कों पर उतरकर मार्च निकाला और परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर निष्पक्ष जांच की मांग की। इस बीच, प्रशासनिक फेरबदल के तहत बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के अध्यक्ष केएस द्विवेदी पारिवारिक कारणों से करीब एक महीने के अवकाश पर चले गए हैं। उनके स्थान पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जितेंद्र कुमार को आयोग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो वर्तमान में केंद्रीय चयन परिषद सिपाही भर्ती (CSBC) के भी चेयरमैन हैं।

बिहार दरोगा भर्ती मुख्य परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई की जांच तेज

आगामी विभागीय प्रक्रिया और नई परीक्षा की रूपरेखा

परीक्षा रद्द होने के बाद अब आयोग और आर्थिक अपराध इकाई की संयुक्त कार्रवाई आगे की कानूनी और प्रशासनिक दिशा तय करेगी। EOU इस बात की तकनीकी और दस्तावेजी जांच कर रही है कि क्या यह गड़बड़ी केवल कुछ केंद्रों तक सीमित थी या इसका दायरा अन्य जिलों तक भी फैला हुआ था। आर्थिक अपराध इकाई द्वारा BPSSC से प्रश्नपत्रों और बुकलेट की प्रतियों पर औपचारिक जवाब तलब किया गया है। एसआईटी की रिपोर्ट और साक्ष्यों के पूर्ण विश्लेषण के आधार पर ही आयोग द्वारा दोबारा परीक्षा आयोजित करने की नई समय-सीमा और एसओपी (SOP) जारी की जाएगी।

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