Manrega Yojana: अगर आपके परिवार में कोई मनरेगा के तहत काम करता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब मनरेगा का नाम बदलकर "जी राम जी" योजना रखा जा रहा है। इसके साथ ही रोजगार के दिन बढ़ाने, जल्दी भुगतान और गांवों के विकास से जुड़े कई बड़े बदलाव किए गए हैं। एक जुलाई से मनरेगा का पूरा स्वरूप ही बदल जायगा। 1 जुलाई से ग्रामीण रोजगार देने वाली सबसे बड़ी योजना मनरेगा अब नए नाम और नए नियमों के साथ शुरू होने जा रही है। सरकार ने इसका नया नाम 'जी राम जी' यानी G-RAM-JI रखा है। इसका पूरा नाम है विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण है।

जानकारी के मुताबिक, इस नई योजना को पहले अप्रैल 2026 से लागू किया जाना था। लेकिन तकनीकी कारणों और नए पोर्टल की तैयारी पूरी नहीं होने की वजह से इसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। अब सरकार ने निर्देश दिया है कि 1 जुलाई से यह योजना लागू कर दी जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुरानी मनरेगा व्यवस्था की जगह यही योजना काम करेगी। हालांकि, जिन लोगों के पास अभी पुराने जॉब कार्ड हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। जब तक नए जॉब कार्ड नहीं बन जाते, तब तक पुराने जॉब कार्ड ही मान्य रहेंगे।

सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ मजदूरी देने तक सीमित नहीं रहेगी। अब गांवों में ऐसे कामों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, जिससे लंबे समय तक लोगों को फायदा मिले। जैसे कि जल संरक्षण, सिंचाई, खेतों का विकास, सड़क निर्माण, पुलिया, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और बाढ़ से बचाव जैसे कामों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब मजदूरों को पहले की तरह 100 दिन नहीं, बल्कि 125 दिनों तक रोजगार मिलेगा। यानी हर साल 25 दिन ज्यादा काम करने का मौका मिलेगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी भी बढ़ सकती है। इसके साथ ही अब भुगतान व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार का दावा है कि अब मजदूरी का पैसा सिर्फ 3 दिनों के भीतर सीधे मजदूरों के बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। अगर किसी कारण से भुगतान में देरी होती है, तो मजदूरों को मुआवजा देने का भी प्रावधान रखा गया है।

इसके अलावा सरकार हर सप्ताह मजदूरी का भुगतान करने की व्यवस्था भी लागू करना चाहती है, ताकि मजदूरों को पैसे के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।फिलहाल मनरेगा के तहत मजदूरों को 252 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलती है। नई योजना का उद्देश्य सिर्फ रोजगार देना नहीं, बल्कि गांवों का विकास करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है। सरकार का कहना है कि यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

तो अब अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य मनरेगा के तहत काम करता है, तो इस नई योजना की जानकारी जरूर रखें क्योंकि 1 जुलाई से सिर्फ नाम ही नहीं मनरेगा के कई नियम भी बदल रहे हैं जिसका मकसद सिर्फ और सिर्फ मजदूरों को फायदा देना है।





