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बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: गो-धन विकास योजना, दो नए विश्वविद्यालय और नवादा में चीनी मिल को मंजूरी

| Published: | Updated:
बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: गो-धन विकास योजना, दो नए विश्वविद्यालय और नवादा में चीनी मिल को मंजूरी
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मुख्य बातें

  • बिहार सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है।
  • इसके तहत पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिससे महिला शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
  • इसके साथ ही, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
  • इन विश्वविद्यालयों के सुचारू संचालन और प्रशासनिक पदाधिकारियों के वेतन भुगतान के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजटीय प्रावधान किया गया है।

शिक्षा और उच्च शिक्षण संस्थानों का सुदृढ़ीकरण

बिहार सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिससे महिला शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन विश्वविद्यालयों के सुचारू संचालन और प्रशासनिक पदाधिकारियों के वेतन भुगतान के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजटीय प्रावधान किया गया है।

बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: गो-धन विकास योजना, दो नए विश्वविद्यालय और नवादा में चीनी मिल को मंजूरी

बुनियादी ढांचा और जन-सुविधाएं

शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के क्रम में पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत जेपी गोलंबर के पास पटना जंक्शन को जोड़ने वाले नवनिर्मित भूमिगत सबवे का आधिकारिक नामकरण आचार्य किशोर कुणाल सबवे करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और परियोजनाओं के त्वरित निष्पादन के लिए बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड के गठन को भी मंजूरी दी गई है। पटना नगर निगम के कर्मियों के समय पर वेतन भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 41 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की स्वीकृति दी है।

बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: गो-धन विकास योजना, दो नए विश्वविद्यालय और नवादा में चीनी मिल को मंजूरी

कृषि, डेयरी विकास और औद्योगिक निवेश को नई रफ्तार

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने पशुपालकों और किसानों के लिए कई दूरगामी योजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना है, जिसके तहत पशुपालकों को बैंकों से मिलने वाले ऋण के ब्याज पर शत-प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के तहत लाभार्थियों को केवल मूल ऋण राशि ही चुकानी होगी, जिससे उन पर वित्तीय बोझ कम होगा।

  • गो-धन विकास ऋण योजना: इस योजना के लिए 1600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य 3 उन्नत नस्ल की गाय या 2 भैंस के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
  • कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास: कोसी क्षेत्र में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 126.07 करोड़ रुपये की लागत से 8 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 500 नई दुग्ध सहकारी समितियां और मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
  • नवादा में नई चीनी मिल: नवादा के वारिसलीगंज में बंद पड़े चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से नई चीनी मिल की स्थापना को मंजूरी दी गई है, जिससे नवादा, नालंदा, शेखपुरा और जमुई जिलों के गन्ना किसानों को सीधा बाजार मिलेगा।
  • बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: गो-धन विकास योजना, दो नए विश्वविद्यालय और नवादा में चीनी मिल को मंजूरी

प्रशासनिक सुधार, मानदेय वृद्धि और सुरक्षा सुदृढ़ीकरण

कैबिनेट ने विभिन्न सरकारी विभागों के अंतर्गत गठित आयोगों, बोर्डों, निगमों और समितियों के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों के मानदेय व भत्तों में ऐतिहासिक वृद्धि की है। अब इन पदों पर आसीन पदाधिकारियों को 25,000 रुपये के स्थान पर 65,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। इसके साथ ही दैनिक भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है। मंत्रियों का अतिथि भत्ता भी 18,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये, राज्य मंत्रियों का 17,500 से बढ़ाकर 29,500 रुपये और उप मंत्रियों का 17,000 से बढ़ाकर 29,000 रुपये किया गया है।

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सुरक्षा और पुलिस बल का आधुनिकीकरण

राज्य में कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस बल को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। जिला पुलिस, रेल पुलिस और संबंधित सुरक्षा बलों के लिए नए उपकरण खरीदने हेतु 33 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और भीड़ नियंत्रण के लिए 50 आधुनिक ड्रोन खरीदने हेतु 24 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। जहानाबाद में एसएसबी कार्यालय के लिए 1 करोड़ 7 लाख 6 हजार रुपये के भुगतान पर भारत सरकार को भूमि आवंटित की गई है, जबकि कटिहार में आईबी पोस्ट के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार बॉयलर जांच न्याय निर्णय 2026 को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, लेह में शहीद हुए सूबेदार संतोष कुमार की पत्नी को राज्य सरकार द्वारा अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का संवेदनशील निर्णय लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में बिहार कारा हस्तक 2012 के नियम 743 में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिससे 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर पात्र बंदियों को परिहार का लाभ देने की कानूनी प्रक्रिया को गृह विभाग द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा।

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