बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई देखने को मिली है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस विभाग) ने राज्य में एक ही दिन के भीतर तीन अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस विशेष अभियान के तहत ब्यूरो की टीम ने एक जूनियर इंजीनियर (जेई), जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) कार्यालय के बड़ा बाबू और एक पुलिस दारोगा को रिश्वत की राशि के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक (डीजी) ने इस पूरी कार्रवाई को ब्यूरो के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है।
जहानाबाद में मनरेगा के जूनियर इंजीनियर पर कार्रवाई
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने अपनी पहली बड़ी कार्रवाई जहानाबाद जिले में की। यहां जहानाबाद प्रखंड में कार्यरत मनरेगा के जूनियर इंजीनियर (जेई) अमन कुमार को निगरानी की टीम ने जाल बिछाकर गिरफ्तार किया। आरोपी जूनियर इंजीनियर अमन कुमार को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोचा गया है। निगरानी विभाग को आरोपी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया और जाल बिछाकर आरोपी जेई को घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
शेखपुरा डीटीओ कार्यालय में निगरानी का छापा, बड़ा बाबू गिरफ्तार
निगरानी ब्यूरो की दूसरी बड़ी कार्रवाई शेखपुरा जिले में हुई। यहां विजिलेंस की टीम ने शेखपुरा के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) के कार्यालय में दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान डीटीओ कार्यालय के बड़ा बाबू (प्रधान लिपिक) कुणाल को गिरफ्तार किया गया। आरोपी कुणाल को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्यालय परिसर में हुई इस अचानक कार्रवाई से वहां मौजूद अन्य कर्मियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। निगरानी की टीम आरोपी को अपने साथ ले गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

राजधानी पटना में गंगापथ ट्रैफिक थाने का दारोगा गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अपनी तीसरी बड़ी कार्रवाई बिहार की राजधानी पटना में की है। पटना में गंगापथ ट्रैफिक थाना, गांधी मैदान में तैनात दारोगा उपेन्द्र साह को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी दारोगा उपेन्द्र साह को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। निगरानी विभाग की टीम ने इस कार्रवाई से पहले आरोपी दारोगा के खिलाफ केस संख्या 107/26 दर्ज किया था। मामला दर्ज करने के बाद निगरानी की टीम ने जाल बिछाया और दारोगा को रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगेहाथ दबोच लिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी ब्यूरो का बड़ा एक्शन
एक ही दिन में तीन अलग-अलग सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हुई इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीजी ने इस ट्रिपल एक्शन को ब्यूरो की एक बड़ी सफलता बताया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों—मनरेगा जेई अमन कुमार, डीटीओ कार्यालय के बड़ा बाबू कुणाल और ट्रैफिक दारोगा उपेन्द्र साह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





