गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट, पर खतरा बरकरार
बिहार के मुंगेर जिले में गंगा नदी के रौद्र रूप के बीच राहत की एक खबर सामने आई है। बीती रात से गंगा के जलस्तर में करीब चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। जलस्तर घटकर अब 40.08 मीटर पर पहुंच गया है। इसके बावजूद मुंगेर में बाढ़ का संकट बेहद गंभीर बना हुआ है, क्योंकि नदी अभी भी खतरे के निशान से लगभग 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गांव से लेकर शहरी इलाकों तक जलजमाव की स्थिति बनी हुई है और करीब 40 हजार की आबादी बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित है।
रिहायशी इलाकों और थानों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
जलस्तर में हल्की गिरावट के बाद भी मुंगेर के निवासियों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। बाढ़ का पानी सिर्फ निचले इलाकों तक सीमित न रहकर मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर चुका है। मुंगेर सदर और जमालपुर प्रखंड की कई पंचायतों के अलावा नगर निगम क्षेत्र की बड़ी आबादी इसकी चपेट में आ चुकी है।
- प्रभावित प्रमुख इलाके: जफरनगर, कुतलूपुर और झौआ बहियार में सामान्य जनजीवन ठप हो गया है।
- शहरी क्षेत्र की स्थिति: नगर निगम के वार्ड नंबर 40, 41, 42 और 43 के साथ-साथ लाल दरवाजा और चंडिका स्थान इलाके पानी से घिरे हैं।
- बरियारपुर की स्थिति: बरियारपुर प्रखंड में स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां घरों और सड़कों के साथ-साथ थाना परिसर में भी पानी घुस गया है।
कई स्थानों पर लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं, वहीं कई इलाकों में छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। घरों में पानी भर जाने से लोग जलकैदी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं और उनके सामने दैनिक रोजगार का संकट भी खड़ा हो गया है।

प्रशासन का राहत व बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित ठिकाने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्रियों की भारी किल्लत है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चला रही हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन, राहत सामग्री, पीने का पानी, पॉलीथिन और पशु चारा वितरित किया जा रहा है। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल कैंप भी लगाए जा रहे हैं। दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है।

जिलाधिकारी का बयान: स्थिति पर रखी जा रही नजर
मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज ने बताया कि जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद है। अंचल स्तर तक के अधिकारी और कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। नावों की मदद से प्रभावित लोगों तक जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
फिलहाल गंगा के जलस्तर में हुई 4 सेंटीमीटर की गिरावट से राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन जब तक जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे नहीं चला जाता, तब तक मुंगेर पर बाढ़ की विभीषिका का संकट बना रहेगा।





