बिहार के प्रमुख रेल रूटों पर 14 दिनों का बड़ा ब्लॉक
बिहार में रेल यात्रियों की आवाजाही को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए पूर्व मध्य रेल क्षेत्र के अंतर्गत महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य शुरू किया जा रहा है। समस्तीपुर, बरौनी, जयनगर, सीतामढ़ी, रक्सौल, मुजफ्फरपुर और पटना जाने वाले यात्रियों को 20 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच भारी फजीहत से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना पहले से तैयार करनी होगी।
यह पूरा प्रशासनिक और तकनीकी बदलाव नए राजेंद्र रेल पुल को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके तहत राजेंद्र पुल, ऊपरी हाथीदह जंक्शन, टाल, रामपुर डुमरा और दिनकर ग्राम सिमरिया के आसपास के रेल खंड पर प्री-नॉन इंटरलॉकिंग यानी प्री-एनआई और नॉन इंटरलॉकिंग यानी एनआई का कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते ट्रेनों का सुचारू संचालन अस्थायी रूप से बाधित रहेगा।

प्री-एनआई और एनआई कार्य का तकनीकी ढांचा
भारतीय रेलवे में पटरियों के आधुनिकीकरण, सिग्नलिंग सिस्टम के उन्नयन और नए रेल खंडों को मेनलाइन से जोड़ने के लिए नॉन इंटरलॉकिंग (NI) एक बेहद संवेदनशील और अनिवार्य प्रशासनिक प्रक्रिया होती है। इसके तहत निम्नलिखित विकासात्मक और सुरक्षात्मक कदम उठाए जाते हैं:
- सिग्नलिंग इंटरलॉकिंग: नए रूट और जंक्शन को मुख्य सिग्नल पैनल से जोड़ने के लिए इलेक्ट्रॉनिक या मैकेनिकल इंटरलॉकिंग को री-प्रोग्राम किया जाता है।
- ट्रैक लिंकिंग: राजेंद्र रेल पुल जैसे बड़े बुनियादी ढांचे को मुख्य रेल लाइनों के साथ सटीक रूप से वेल्डिंग और एलाइनमेंट के जरिए जोड़ा जाता है।
- सुरक्षा निरीक्षण: काम पूरा होने के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) या वरिष्ठ इंजीनियरों द्वारा सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है, जिसके बाद ही गति प्रतिबंधों के साथ ट्रेनों की आवाजाही बहाल होती है।
विभिन्न रूटों पर ट्रेन सेवाओं का निरस्तीकरण
इस मेगा ब्लॉक के कारण जयनगर, सीतामढ़ी, रक्सौल और मुजफ्फरपुर आने-जाने वाली दर्जनों गाड़ियों को पूरी तरह रद्द किया गया है। जयनगर रूट पर 13031 हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस 20 सितंबर से 3 अक्टूबर तक और 13032 जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नहीं चलेगी। इसके अलावा 13135 और 13136 कोलकाता-जयनगर एक्सप्रेस भी निर्धारित तिथियों पर बंद रहेंगी। सीतामढ़ी और रक्सौल जाने वाले यात्रियों के लिए 13155 कोलकाता-सीतामढ़ी एक्सप्रेस तथा 13043 हावड़ा-रक्सौल एक्सप्रेस के फेरे भी रद्द किए गए हैं। मुजफ्फरपुर, टाटानगर-थावे और रांची-गोरखपुर रूट की गाड़ियां भी इसी अवधि में आंशिक या पूर्ण रूप से प्रभावित रहेंगी।

वैकल्पिक मार्ग और आंशिक समापन की व्यवस्था
यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने कुछ चुनिंदा लंबी दूरी की गाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया है, जबकि कुछ का आंशिक समापन तय किया गया है:
- परिवर्तित मार्ग: 12577 दरभंगा-मैसूर एक्सप्रेस समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र और दानापुर के रास्ते चलाई जाएगी। वहीं 13020 काठगोदाम-हावड़ा एक्सप्रेस बरौनी-मुंगेर-रामपुरहाट-बर्द्धमान के वैकल्पिक मार्ग से गुजरेगी।
- आंशिक समापन: 15503 सहरसा-पटना एक्सप्रेस और 15509 ललितग्राम-पटना एक्सप्रेस अपने निर्धारित अंतिम गंतव्य तक जाने के बजाय सोनपुर स्टेशन पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेंगी।
- किऊल-मुंगेर रूट: हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस (17005) समेत अन्य गाड़ियां किऊल, जमालपुर और मुंगेर के बदले हुए रूट से संचालित की जाएंगी।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद ही इन रेल खंडों पर सामान्य गति से ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू किया जा सकेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा, एनटीईएस (NTES) ऐप या आईआरसीटीसी पोर्टल के जरिए अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस देखने के बाद ही स्टेशन के लिए रवाना हों।





