सहारा इंडिया के करोड़ों निवेशकों के फंसे हुए पैसों की वापसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई है। इस प्रक्रिया में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी भी पक्षकार के रूप में शामिल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में सहारा और सेबी मामले की सुनवाई
निवेशकों के पैसों की वापसी और रिफंड प्रक्रिया का अपडेट
सहारा इंडिया से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मुख्य सवाल यही था कि वर्षों से फंसे निवेशकों के पैसों को राहत कैसे मिले। अदालत ने मामले की प्रगति और अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी ली। सेबी की ओर से अदालत को अपनी स्थिति से अवगत कराया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है और इसकी नियमित सुनवाई जारी रहेगी। 13 जुलाई को जारी आदेश के तहत एक स्पेशल बेंच द्वारा सहारा के सभी मामलों की कैटेगरीवाइज सुनवाई की जा रही है। हालांकि, इस सुनवाई में ऐसा कोई तत्काल आदेश नहीं आया जिससे सभी निवेशकों को तुरंत पैसा मिलने की घोषणा हो।

दस्तावेजों की अनिवार्यता और आधिकारिक रिफंड पोर्टल
इस बीच सरकार की ओर से शुरू किए गए रिफंड पोर्टल के माध्यम से पात्र निवेशकों को आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिन निवेशकों के पास सहारा रियल स्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा इंडिया हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कागजात व प्रूफ मौजूद हैं, उनके लिए बकाया भुगतान का यह मामला मूल रूप से हाउसिंग और रियल स्टेट के बकाये से जुड़ा है। वर्तमान में सेबी का 10 हजार करोड़ रुपये सहारा इंडिया के पास बकाया है, जिसके मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। निवेशकों को यह सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से पूरी तरह बचें, अपने सभी जरूरी दस्तावेज संभाल कर रखें और केवल आधिकारिक घोषणाओं व निर्देशों का ही पालन करें।





