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बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद राजद की सभी संगठनात्मक इकाइयां भंग, तेजस्वी यादव ने कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा

By | Published: 06 Aug 2026, 09:24 PM
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बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद राजद की सभी संगठनात्मक इकाइयां भंग, तेजस्वी यादव ने कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
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मुख्य बातें

  • बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा एक्शन लिया गया है।
  • राजद ने अपनी सभी स्तरों की संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
  • इसके तहत जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर की सभी कमेटियों को भंग किया गया है और अब इन सभी स्तरों पर नई टीमों का गठन किया जाएगा।हार के बाद राजद का बड़ा फैसलाराजद द्वारा जारी...
  • पार्टी ने पूर्व में संगठन से जुड़े जारी किए गए सभी आदेशों को भी रद्द कर दिया है।गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट रही बांकीपुर में जनसुराज के उ...

बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा एक्शन लिया गया है। राजद ने अपनी सभी स्तरों की संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके तहत जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर की सभी कमेटियों को भंग किया गया है और अब इन सभी स्तरों पर नई टीमों का गठन किया जाएगा।


हार के बाद राजद का बड़ा फैसला

राजद द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। पार्टी ने पूर्व में संगठन से जुड़े जारी किए गए सभी आदेशों को भी रद्द कर दिया है।

गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट रही बांकीपुर में जनसुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के नीरज सिन्हा को 19,324 मतों के अंतर से पराजित किया। प्रशांत किशोर को कुल 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा के नीरज सिन्हा 44,827 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में राजद उम्मीदवार रेखा कुमारी की जमानत जब्त हो गई, जिन्हें मात्र 14,273 वोट प्राप्त हुए। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ही तेजस्वी यादव ने संगठन को पूरी तरह पुनर्गठित करने का फैसला लिया है।


कानून व्यवस्था और हत्याकांडों पर तेजस्वी के तीखे सवाल

संगठनात्मक बदलावों के बीच, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर राज्य की कानून व्यवस्था पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। तेजस्वी यादव ने रोहतास में कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या, पटना में बंटी यादव की हत्या और सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया, "सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग की गई, जिसमें तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। पुलिसकर्मियों ने हवाई फायरिंग करने के बजाय निशाना लगाकर गोलियां चलाईं। हम यह जानना चाहते हैं कि सीवान में किसके आदेश पर गोलियां चलाई गईं। जब तक सीवान के डीएम और एसपी पर कार्रवाई नहीं होती, हम चुप नहीं बैठेंगे।" उन्होंने घोषणा की कि इस मामले को लेकर वे शुक्रवार को पार्टी नेताओं के साथ पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात करेंगे।

मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने रोहतास के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) हत्याकांड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री पर 7 हत्याओं के मामले दर्ज हैं। उनके विधायक का नाम EO हत्याकांड में सामने आ रहा है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस मामले में एनकाउंटर हुआ या नहीं हुआ।"


पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और न्याय का भरोसा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने पटना के बंटी यादव हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें 5 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। तेजस्वी ने घोषणा की कि बंटी के दोनों बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च राजद वहन करेगा।

तेजस्वी यादव ने कहा, "बंटी यादव की जिस तरह से निर्मम हत्या की गई, उसे हम सबने देखा है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हम आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेंगे। इस संबंध में मेरी डीजीपी और एसपी से बात हुई है। हमारे द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद ही कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी है।"

क्या था बंटी यादव हत्याकांड?

बंटी यादव का 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास स्थित टाटा पार्क के समीप से अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के पांच दिन बाद यानी 11 जुलाई को उसका शव पटना से लगभग 60 किलोमीटर दूर अथमलगोला से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि बंटी के शरीर पर ईंट-पत्थर जैसी भारी चीजों से वार किया गया था और उसके चेहरे व हाथ को बुरी तरह कुचला गया था। बदमाशों ने पहचान छुपाने के लिए बंटी के दाएं हाथ पर बने टैटू को भी नुकीली चीज से गोदकर मिटा दिया था।

इस हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी रवीश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि साजिशकर्ता मोनी किन्नर, सूरज और शंकर अभी भी फरार हैं। पुलिस जांच के अनुसार, बंटी शराब तस्करी के पैसों में रवीश और मोनी किन्नर से अपना हिस्सा मांग रहा था, जिसके विवाद में उसकी हत्या की गई। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि करबिगहिया इलाके में रवीश द्वारा चलाए जा रहे सेक्स रैकेट का विरोध करने के कारण बंटी की हत्या की गई थी।

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