बिहार के भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 24 घंटे के भीतर इस इलाके में एक के बाद एक तीन अलग-अलग स्थानों पर बांध टूटने और क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और हजारों की आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
रंगरा के कुंवारी टोला में कलबलिया बांध टूटा
रात के अंधेरे में मची अफरा-तफरी
ताजा और सबसे गंभीर मामला रंगरा प्रखंड के कुंवारी टोला का है, जहां देर रात करीब 2 बजे कलबलिया बांध का लगभग 30 फीट हिस्सा कट गया। रात के अंधेरे में बांध टूटने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते पानी का बहाव बेहद तेज हो गया और वह रिहाइशी इलाकों की तरफ बढ़ने लगा। स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर से बांध को बचाने और पानी के बहाव को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन गंगा और कोसी के पानी के भारी दबाव के आगे बांध टिक नहीं सका।
कलबलिया बांध के क्षतिग्रस्त होने से कुंवारी टोला और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 25 हजार से 30 हजार लोगों की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पानी के तेज बहाव के कारण ग्रामीणों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

24 घंटे में तीन जगहों पर क्षतिग्रस्त हुए बांध
बैसी और ब्रह्मोत्तर बांध पर भी बढ़ा दबाव
नवगछिया इलाके में पिछले 24 घंटे के दौरान बांध टूटने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले रंगरा प्रखंड के ही बैसी में कोसी नदी के तेज दबाव के कारण पुरानी रेलवे लाइन बांध का करीब 15 मीटर हिस्सा टूट गया था, जिससे आसपास के गांवों में पानी घुसने का खतरा उत्पन्न हो गया था। इसके अलावा, गोपालपुर प्रखंड में भी ब्रह्मोत्तर बांध का लगभग 10 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्रह्मोत्तर बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से को पूरी तरह रिस्टोर कर लिया है, जबकि बैसी में पुराने रेलवे बांध की मरम्मत का कार्य अभी भी जारी है।
प्रशासनिक अमला अलर्ट, मंत्री और डीएम ने किया दौरा
दो से तीन घंटे में मरम्मत पूरा करने का निर्देश
कलबलिया बांध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र और भागलपुर की जिलाधिकारी डॉ. अलंकृता पांडे तुरंत राहत दल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पानी के बहाव की गति, बांध की वर्तमान स्थिति और प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी डॉ. अलंकृता पांडे ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों की टीमों और राहत दलों को युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगले 2 से 3 घंटे के भीतर प्रभावित दोनों जगहों पर रिस्टोरेशन का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। फिलहाल प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बांध के कटे हुए हिस्सों को जल्द से जल्द बंद करना और रिहाइशी इलाकों में पानी के प्रवेश को रोकना है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अगले कुछ घंटे इस पूरे क्षेत्र के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।





