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जमुई में पंचायत सरकार भवन में खामियां, गुणवत्ता जांच के बिना नहीं होगा हस्तांतरण

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जमुई में पंचायत सरकार भवन में खामियां, गुणवत्ता जांच के बिना नहीं होगा हस्तांतरण
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मुख्य बातें

  • बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश द्वारा जमुई जिले के खैरा पंचायत सरकार भवन के औचक निरीक्षण के बाद राज्य सरकार ने सभी नवनिर्मित पंचायत भवनों के हस्तांतरण से पूर्व अनिवार्य गुणवत्ता जांच का नीतिगत निर्णय लिया है।
  • निर्माण कार्यों में दरारें, टूटा प्लास्टर और असुरक्षित बिजली वायरिंग जैसी गंभीर प्रशासनिक खामियां सामने आने पर मंत्री ने निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करते हुए सभी त्रुटियों को तत्काल दुरुस्त करने के कड़े आदेश जारी किए हैं।
  • बिहार सरकार राज्य की ग्राम पंचायतों को प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने और एक ही छत के नीचे सभी पंचायती सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक पंचायत सरकार भवनों का निर्माण करा रही है।
  • इसी कड़ी में जमुई जिले की खैरा पंचायत में लगभग ₹2.30 करोड़ की स्वीकृत लागत से एक भव्य पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया था।

बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश द्वारा जमुई जिले के खैरा पंचायत सरकार भवन के औचक निरीक्षण के बाद राज्य सरकार ने सभी नवनिर्मित पंचायत भवनों के हस्तांतरण से पूर्व अनिवार्य गुणवत्ता जांच का नीतिगत निर्णय लिया है। निर्माण कार्यों में दरारें, टूटा प्लास्टर और असुरक्षित बिजली वायरिंग जैसी गंभीर प्रशासनिक खामियां सामने आने पर मंत्री ने निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करते हुए सभी त्रुटियों को तत्काल दुरुस्त करने के कड़े आदेश जारी किए हैं।

जमुई में पंचायत सरकार भवन में खामियां, गुणवत्ता जांच के बिना नहीं होगा हस्तांतरण

जमुई का खैरा मॉडल और निर्माण में उजागर हुई संस्थागत कमियां

बिहार सरकार राज्य की ग्राम पंचायतों को प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने और एक ही छत के नीचे सभी पंचायती सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक पंचायत सरकार भवनों का निर्माण करा रही है। इसी कड़ी में जमुई जिले की खैरा पंचायत में लगभग ₹2.30 करोड़ की स्वीकृत लागत से एक भव्य पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया था। हालांकि, भवन के औपचारिक हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय प्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा इसके निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जाने लगे थे।

स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि और ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने खैरा स्थित इस नवनिर्मित परिसर का खुद दौरा किया। मंत्री के आगमन की सूचना पर कार्यदायी संस्था द्वारा भवन को बाहर से आकर्षक दिखाने के लिए जल्दबाज़ी में रंग-रोगन (पेंट) कराकर कमियों को ढकने का प्रयास किया गया था। परंतु, जब मंत्री ने परिसर के भीतर प्रवेश कर दीवारों, कमरों और अन्य ढांचागत हिस्सों का बारीकी से जायजा लिया, तो निर्माण की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई।

“पंचायत सरकार भवन का केवल बाहर से सुंदर दिखना पर्याप्त नहीं है। भवन की ढांचागत मजबूती, टिकाऊपन और सुरक्षा मानक सबसे प्राथमिक आवश्यकताएं हैं, जिनसे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” - दीपक प्रकाश, पंचायती राज मंत्री

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन के कई हिस्सों में छत की ढलाई के बाद किया गया प्लास्टर जगह-जगह से टूटकर गिर रहा था। नई दीवारों में पहले से ही दरारें स्पष्ट दिखाई दे रही थीं। इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि सरकारी धन का दुरुपयोग और घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जमुई में पंचायत सरकार भवन में खामियां, गुणवत्ता जांच के बिना नहीं होगा हस्तांतरण

तकनीकी सुरक्षा मानक और ढांचागत गुणवत्ता की प्रशासनिक पड़ताल

बिहार एक ऐसा राज्य है जहां का एक बड़ा हिस्सा भूकंप संवेदनशील क्षेत्र (Seismic Zones) के अंतर्गत आता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी नए पंचायत सरकार भवनों को भूकंपरोधी निर्माण तकनीक (Earthquake-Resistant Technology) के तहत डिजाइन किया जाना अनिवार्य किया गया है। खैरा के भवन निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि संरचनात्मक मजबूती के लिए प्लास्टर के भीतर जो विशेष सुरक्षा जाली लगाई जानी चाहिए थी, उसे कई महत्वपूर्ण स्थानों पर छोड़ दिया गया था।

इसी तकनीकी चूक के कारण ढलाई और प्लास्टर के बीच पकड़ कमजोर हुई, जिससे समय से पहले ही दीवारों पर प्लास्टर उधड़ने और दरारें आने की समस्या उत्पन्न हुई। इसके अलावा, भवन के भीतर स्थित लाइब्रेरी रूम (पुस्तकालय कक्ष) की जांच करते समय मंत्री का ध्यान वहां स्थापित बिजली के बोर्ड पर गया, जो खुले और अव्यवस्थित स्थिति में पाए गए।

जमुई में पंचायत सरकार भवन में खामियां, गुणवत्ता जांच के बिना नहीं होगा हस्तांतरण

ग्रामीण बुनियादी ढांचे में गुणवत्ता नियंत्रण की तय कार्यप्रणाली

सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी संदर्भ में विभागीय स्तर पर निर्माण एवं हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुधारने के लिए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया गया है:

  • अनिवार्य पूर्व-हस्तांतरण तकनीकी ऑडिट: अब से किसी भी कार्यदायी संस्था या ठेकेदार द्वारा निर्मित भवन को सीधे ग्राम पंचायत को नहीं सौंपा जाएगा, जब तक कि विभागीय इंजीनियरों की टीम उसकी संपूर्ण तकनीकी जांच न कर ले।
  • भूकंपरोधी मानकों का सत्यापन: संरचना में जाली लगाने, कंक्रीट मिक्स अनुपात और पिलर की मजबूती के मानकों की गहन जांच की जाएगी।
  • सुरक्षा एवं विद्युत मानक परीक्षण: पुस्तकालय, आईटी रूम और प्रशासनिक कार्यालयों में बिजली की वायरिंग पूरी तरह ढकी और सुरक्षित (Concealed and Insulated) होनी आवश्यक होगी।
  • ठेकेदारों और एजेंसियों की वित्तीय जवाबदेही: यदि हस्तांतरण से पूर्व या डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान कोई खराबी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी के अंतिम भुगतान पर रोक लगाई जाएगी और उसके अपने खर्च पर मरम्मत कराई जाएगी।

राज्यव्यापी प्रभाव: पंचायती राज व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर असर

जमुई जिले के खैरा में उजागर हुआ मामला केवल एक स्थानीय भवन की अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने संपूर्ण राज्य में चल रहे पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार सरकार राज्य के सभी पंचायतों में ऐसे आधुनिक भवनों का निर्माण करा रही है ताकि ग्रामीण नागरिकों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य पंचायती सेवाओं के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

यदि इन भवनों का निर्माण ही कमजोर नींव और घटिया सामग्री पर होगा, तो ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था का यह केंद्र लंबे समय तक अपनी सेवाएं नहीं दे पाएगा। इसी दूरगामी प्रभाव को देखते हुए पंचायती राज मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि खैरा प्रकरण से सबक लेते हुए पूरे बिहार में हैंडओवर से पहले गुणवत्ता जांच प्रमाणपत्र (Quality Clearance Certificate) हासिल करना अनिवार्य होगा।

निरीक्षण के क्रम में मंत्री ने खैरा पंचायत के वार्ड संख्या 11 का भी दौरा किया और वहां संचालित स्थानीय विकास योजनाओं की प्रगति का फीडबैक लिया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर योजनाओं की धरातलीय स्थिति जानी। इसके पश्चात, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए मंत्री ने पंचायत सरकार भवन परिसर में पौधारोपण भी किया। इस पूरे औचक निरीक्षण के दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार सहित विभाग के कई स्थानीय तकनीकी अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जमुई में पंचायत सरकार भवन में खामियां, गुणवत्ता जांच के बिना नहीं होगा हस्तांतरण

भावी विभागीय कार्रवाई और हस्तांतरण प्रक्रिया के नए मानक

खैरा पंचायत सरकार भवन में पाई गई तकनीकी एवं ढांचागत कमियों को दूर करने के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। विभागीय टीम को निर्देश दिया गया है कि वे भवन के हर हिस्से, विशेष रूप से छत, प्लास्टर, जाली की उपस्थिति और इलेक्ट्रिकल फिटिंग की विस्तृत सूची तैयार करें और निर्माण एजेंसी से इसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराएं।

राज्य स्तर पर पंचायती राज विभाग अब एक नया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर रहा है, जिसके तहत भवन का भौतिक निरीक्षण करने वाली जांच टीम में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। जब तक जांच समिति भवन की मजबूती, सुरक्षा मानकों और फिनिशिंग से पूरी तरह संतुष्ट होकर अपनी लिखित रिपोर्ट नहीं सौंपेगी, तब तक संबंधित पंचायत के मुखिया या सचिव को भवन का प्रभार लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। निर्माण एजेंसियों को दी गई इस सख्त चेतावनी से उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य में निर्माणाधीन अन्य पंचायत सरकार भवनों के कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेगी।

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