पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया के बीच बड़ा हंगामा देखने को मिला है। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाता कतारबद्ध होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि, इस दौरान पुलिस लाइन स्थित बूथ संख्या 106, 107 और 108 पर अचानक स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जनसुराज के कार्यकर्ताओं ने वहां मतदाताओं को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया। घटना की सूचना मिलते ही जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़े सवाल खड़े किए।

पुलिस पर कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का आरोप
प्रशांत किशोर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और पटना पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा जनसुराज के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने और उनका मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि वह खुद क्षेत्रों में इसलिए घूम रहे हैं ताकि कार्यकर्ताओं और आम लोगों को यह भरोसा दिला सकें कि डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई ही इस तरह के राज और व्यवस्था के खिलाफ है। बांकीपुर में अपराधियों का जो राज चल रहा है और उनकी जो सरकार चल रही है, उसी के विरोध में जनसुराज संघर्ष कर रहा है।
'बीजेपी बांट रही पैसे, पुलिस कर रही जनसुराज कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी'
प्रशांत किशोर ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पटना के तमाम मीडिया और पत्रकारों को इस बात की जानकारी है कि बीजेपी के लोग घर-घर जाकर पैसे बांट रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस को यह सब नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस पक्षपात करते हुए जनसुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है और उन्हें गिरफ्तार कर रही है। प्रशांत किशोर के अनुसार, अब तक जनसुराज के 25 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।

जनसुराज के डेस्क हटाने और लाठीतंत्र पर उठाए सवाल
चुनावी गतिविधियों के दौरान सहायता डेस्कों को हटाए जाने पर भी प्रशांत किशोर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन जहां भी जनसुराज के सहायता डेस्क लगे हुए हैं, पुलिस उन्हें जबरन उठाकर ले जा रही है। पटना पुलिस लगातार लोगों को डराने का प्रयास कर रही है, लेकिन इन तमाम हथकंडों का उल्टा असर ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता को पुलिस लाठी चलाकर या दबाव बनाकर डरा नहीं सकती है। पुलिस बल का इस्तेमाल करके लोगों को अपनी इच्छा से वोट देने से रोकना पूरी तरह से गलत है और इस तरह की हरकतों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
'जनता के वोट से ही तय होगी हार और जीत'
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर की जनता पुलिस के इस तरह डराने-धमकाने से पीछे हटने वाली नहीं है। चुनाव में कौन जीतेगा और कौन हारेगा, इसका अंतिम फैसला जनता अपने वोट के जरिए ही करेगी। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और पुलिस प्रशासन के बल पर जनमत को प्रभावित नहीं किया जा सकता। प्रशांत किशोर ने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि मतदाताओं को बिना किसी डर और दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।





