पटना (खबर डोज़ ब्यूरो) बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले आगामी चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र मतदाताओं को मतदान के दिन यानी 23 अक्टूबर 2026 को विशेष आकस्मिक अवकाश मिलेगा। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस फैसले का मुख्य उद्देश्य कामकाजी लोगों और शिक्षकों को बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर देना है, ताकि मतदान प्रतिशत को बढ़ावा मिल सके।
यह विशेष अवकाश उन सभी कर्मचारियों और नागरिकों पर लागू होगा जो तयशुदा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता हैं। जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक सीटों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोशी निर्वाचन क्षेत्र आते हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सूची में पटना, तिरहुत, दरभंगा और सारण निर्वाचन क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इन सभी क्षेत्रों में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।
किन मतदाताओं को मिलेगा विशेष अवकाश का लाभ
राज्य सरकार की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश सार्वभौमिक नहीं होगा, बल्कि केवल उन्हीं कर्मचारियों और मतदाताओं को मिलेगा जो संबंधित आठ निर्वाचन क्षेत्रों के दायरे में आते हैं और वहां के मतदाता सूची में पंजीकृत हैं। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इससे विभिन्न संस्थानों, कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत उन लोगों को राहत मिलेगी जो नौकरी या पेशे के चलते अपने मताधिकार के इस्तेमाल से वंचित रह जाते थे।

प्रचार अभियान और राजनीतिक सरगर्मी तेज
निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक दलों, शिक्षक संगठनों और विभिन्न उम्मीदवारों ने अपने जनसंपर्क अभियानों को तेज कर दिया है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के इन चुनावों में राजनीतिक पार्टियों के साथ कई स्वतंत्र उम्मीदवार भी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मतदाता सूची में शामिल शिक्षक और स्नातक वर्ग के लोग इस बार किन उम्मीदवारों पर भरोसा जताते हैं, यह तो चुनाव परिणाम ही तय करेंगे, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग और राज्य प्रशासन की ओर से सभी संबंधित संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे अवकाश संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करें। 23 अक्टूबर को निर्धारित मतदान के दिन सभी योग्य मतदाता अपने कार्यस्थलों से अवकाश पाकर सीधे मतदान केंद्रों का रुख कर सकेंगे और लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।





