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पटना में 48 नए EV चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, जानिए आपके सबसे नज़दीक कहां मिलेगी सुविधा

| Published: | Updated:
पटना में 48 नए EV चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, जानिए आपके सबसे नज़दीक कहां मिलेगी सुविधा
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मुख्य बातें

  • पटना: राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चालकों के लिए परिवहन विभाग ने बड़ी सुविधा की तैयारी की है।
  • शहर में ई-व्हीकल की बैटरी खत्म होने की चिंता को दूर करने के लिए 48 सार्वजनिक ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
  • इसके लिए पटना नगर निगम और विभिन्न नगर परिषदों ने संभावित स्थलों की सूची परिवहन विभाग को भेज दी है।
  • अब विशेषज्ञों की टीम इन स्थानों का तकनीकी निरीक्षण कर अंतिम मंजूरी देगी।

पटना: राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चालकों के लिए परिवहन विभाग ने बड़ी सुविधा की तैयारी की है। शहर में ई-व्हीकल की बैटरी खत्म होने की चिंता को दूर करने के लिए 48 सार्वजनिक ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए पटना नगर निगम और विभिन्न नगर परिषदों ने संभावित स्थलों की सूची परिवहन विभाग को भेज दी है। अब विशेषज्ञों की टीम इन स्थानों का तकनीकी निरीक्षण कर अंतिम मंजूरी देगी।

राजधानी में पिछले कुछ सालों में दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के कारण लोग ईवी अपना रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से चालकों को लंबी यात्राओं के दौरान बैटरी खत्म होने का डर बना रहता था। नया चार्जिंग नेटवर्क बनने से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।

पटना में 48 नए EV चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, जानिए आपके सबसे नज़दीक कहां मिलेगी सुविधा

पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत तैयार होगा नेटवर्क

यह पूरी परियोजना PM E-Drive Scheme के तहत लागू की जा रही है। परिवहन विभाग ने पटना नगर निगम के अलावा गया-मसौढ़ी रोड, नौबतपुर, पालीगंज और आसपास के नगर परिषद क्षेत्रों से चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर ऐसा चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को आसानी से चार्जिंग सुविधा मिल सके।

निर्धारित शुल्क और आसान डिजिटल भुगतान

इन सभी सार्वजनिक ई-चार्जिंग स्टेशनों पर तय शुल्क चुकाकर वाहन चार्ज कराए जा सकेंगे। परिवहन विभाग के अनुसार व्यवस्था इस प्रकार रहेगी:

  • शुल्क संरचना: चार्जिंग शुल्क प्रति घंटा और प्रति मिनट के आधार पर तय होगा।
  • वाहन श्रेणी: अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की जाएंगी।
  • भुगतान: प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और आसान रखा जाएगा।
  • उपलब्धता: शुरुआती चरण में यह सुविधा केवल सामान्य (छोटे और मध्यम) इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रहेगी।

पटना में 48 नए EV चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, जानिए आपके सबसे नज़दीक कहां मिलेगी सुविधा

इलेक्ट्रिक बसों और भारी वाहनों को फिलहाल सुविधा नहीं

इन चार्जिंग स्टेशनों पर फिलहाल इलेक्ट्रिक बसों और भारी व्यावसायिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा नहीं मिलेगी। इसके पीछे तकनीकी कारण बताए गए हैं। भारी वाहनों को चार्ज करने के लिए हाई कैपेसिटी फास्ट चार्जर की आवश्यकता होती है, जिसके लिए अधिक वोल्टेज वाली बिजली और अलग से डेडिकेटेड ट्रांसफॉर्मर की जरूरत पड़ती है। इसीलिए शुरुआती चरण में यह नेटवर्क केवल छोटे और मध्यम ईवी वाहनों के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है।

पटना में इन प्रमुख स्थानों पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन

परिवहन विभाग को सौंपी गई सूची के आधार पर कई प्रमुख इलाकों को चिन्हित किया गया है:

  • गया-मसौढ़ी रोड: पिंक सिटी मैरिज हॉल के पास
  • बांकीपुर-1: कुलहरिया कॉम्प्लेक्स
  • सुभाष पार्क और पी एंड एम मॉल बेसमेंट
  • इंडस्ट्रियल एरिया और नाला रोड: अंबेडकर भवन के सामने
  • आर्य कुमार रोड: 52 बीघा
  • एम टोली तथा वैशाली गोलंबर से दिनकर गोलंबर मार्ग
  • मलाही पकड़ी: रैन बसेरा के पास
  • मेदांता अस्पताल के आसपास का क्षेत्र
  • लोहिया नगर पार्क और एसबीआई एटीएम परिसर
  • जेपी सेतु मरीन ड्राइव गोलंबर और जनार्दन घाट
  • नौबतपुर, पालीगंज और गया-मसौढ़ी मार्ग के अन्य क्षेत्र

पर्यावरण संरक्षण और ई-मोबिलिटी को बढ़ावा

सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों का यह नेटवर्क बनने से केवल शहर के अंदर ही नहीं, बल्कि हाईवे पर यात्रा करने वालों को भी सुविधा होगी। इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण जो लोग अब तक ईवी खरीदने से झिझक रहे थे, उनका भरोसा बढ़ेगा। इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी और वायु प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे बिहार में स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

आगे की प्रक्रिया और निर्माण

वर्तमान में पटना नगर निगम और नगर परिषदों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का तकनीकी निरीक्षण चल रहा है। तकनीकी मानकों पर सही पाए जाने वाले स्थानों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। विभाग की कोशिश है कि जल्द से जल्द यह चार्जिंग नेटवर्क तैयार कर आम जनता के लिए खोल दिया जाए।

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