राजधानी पटना में EV इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा विस्तार
बिहार की राजधानी पटना में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उपयोगकर्ताओं के लिए चार्जिंग की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। राज्य के परिवहन विभाग ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत शहर के 10 प्रमुख सरकारी और सार्वजनिक परिसरों में फास्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में पेट्रोल और डीजल वाहनों के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक कारों, दोपहिया और अन्य कमर्शियल वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन इसके अनुपात में चार्जिंग नेटवर्क का दायरा सीमित बना हुआ था।

इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन और IOCL बिहार के स्टेट रिटेल सेल्स हेड राजीव कुमार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर संपन्न हुए। इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल सरकारी कामकाज के सिलसिले में आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सुलभ चार्जिंग विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे। सरकारी भवनों और परिसरों का चयन रणनीतिक रूप से किया गया है ताकि शहर के प्रशासनिक और व्यस्त वाणिज्यिक केंद्रों पर आने वाले वाहन चालकों को बैटरी डिस्चार्ज होने की चिंता से मुक्ति मिल सके।
किन दस प्रमुख स्थानों पर मिलेगी फास्ट चार्जिंग की सुविधा
परिवहन विभाग और तेल विपणन कंपनी IOCL के संयुक्त उपक्रम के तहत पटना के जिन 10 महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित किया गया है, वे शहर के सबसे व्यस्त और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र हैं। इन स्थानों पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता का आवागमन होता है, जिससे यह चार्जिंग नेटवर्क अधिकतम लोगों तक अपनी पहुंच बना सकेगा।
चिन्हित परिसरों और सार्वजनिक स्थलों की सूची
- मुख्य सचिवालय: शासन के केंद्र बिंदु के रूप में प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सुलभता।
- बिहार विधानसभा: विधाई कार्यों और सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अमले के वाहनों के लिए चार्जिंग विकल्प।
- कलेक्ट्रेट परिसर: जिला प्रशासन से जुड़े कार्यों के लिए आने वाली जनता और अधिकारियों की सुविधा।
- विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन और सिंचाई भवन: विभिन्न विभागों के मुख्यालय होने के कारण अत्यधिक आवाजाही वाले प्रशासनिक जोन।
- मल्टी मॉडल हब और मल्टी लेवल कार पार्किंग: आवागमन के प्रमुख जंक्शनों पर वाहन चालकों के लिए एकीकृत पार्किंग और चार्जिंग हब।
- बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड: रणनीतिक सड़क मार्गों पर स्थित होने के कारण transit charging की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले स्थल।
परिवहन विभाग और IOCL की साझेदारी का जनता पर प्रभाव
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते चलन के बीच सबसे बड़ी चुनौती एक भरोसेमंद और तेज चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने की होती है। वर्तमान में IOCL द्वारा बिहार राज्य के भीतर लगभग 210 EV चार्जिंग स्टेशन पहले से संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन सरकारी और प्रशासनिक परिसरों में इनकी उपस्थिति सीमित थी। परिवहन विभाग के साथ हुए इस नए अनुबंध के बाद इन परिसरों में स्थापित होने वाले फास्ट चार्जिंग स्टेशन न केवल सरकारी गाड़ियों को गति देंगे बल्कि निजी निवेशकों और आम वाहन चालकों के लिए भी विश्वास का माहौल बनाएंगे।
प्रशासनिक तंत्र द्वारा उठाए गए इस कदम से शहर के वायु प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने और स्वच्छ परिवहन (Clean Mobility) को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जब प्रमुख कार्यालयों में ही चार्जिंग की सुविधा मिल जाएगी, तो लोगों का रुझान बैटरी चालित वाहनों की खरीद की ओर तेजी से बढ़ेगा। विभाग और तेल कंपनी अब इन सभी 10 चयनित स्थलों पर तकनीकी फिजिबिलिटी और पावर सप्लाई लोड का आंकलन कर रही है, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर बुनियादी ढांचे का निर्माण कार्य शुरू किया जा सके और आगामी चरण में इसे अन्य जिलों तक भी विस्तारित किया जा सके।






